Sunday, 8 January 2023

मोबाइल के ऐप के जरिये व्यवसाय के लिए लोन देने के नाम पर बैंक ने की ठगी


रीवा. साइबर ठग नित नये आयाम को अंजाम देते है। आम जन मानस उनके झांसे में आकर ठगी का शिकार हो ही जाता है। पुलिस एंव सोशल मीडिया में लोगों को ठगी से बचने के लिए हमेशा सचेत किया जाता है। उसके बावजूद भी पैसों की लालच में फंस लोग ठगी का शिकार हो रहे है। ऐसे ही एक ठगी का सगरा थाना के गड़रिया मोहल्ला निवासी संजीव पाल पिता सत्य नारायण पाल हो गया। जो व्यवसाय के लिए बैंक से कर्ज लेने की योजना बना रखा था। बैंक की तलास ही कर रहा था कि मोबाइल के एक एप में उसे धनी बैंक दिखाई दिया। जिसके संपर्क में आकर वह 38 हजार रुपये का ठगी का शिकार हो गया। इस का उसे जब एहसास हुआ तो भागते हुये साइबर सेल आ पहुंचा। पीडि़त ने बताया कि पशु पालन के लिए वह बैंक से कर्ज लेना चाहता था। 

धनी बैंक से हुआ संपर्क

इस बीच उसका संपर्क धनी बैंक से हो गया जहां का कर्मचारी बन कर एक युवक मोबाइल नंबर 7431889646 से फोन कर संपर्क किया। और 6 लाख रुपये कर्ज दिये जाने के नाम पर उससे पहले 15 सौ रूपये रजिस्टेशन फीस मांगी। जो इंडियन बैंक के एक खाते में ऑन लाइन जमा करवा लिया। 15 सौ देने के बाद उस व्यक्ति ने फिर फोन कर पेपर तैयार करने एवं ट्राजेक्शन किये जाने के नाम पर 10 हजार रुपये उसी खाते में जमा करवाये। 10 हजार जमा किये जाने पर उस व्यक्ति का फिर से फोन आया और जीएसटी के नाम पर 18600 रूपये मांगे। वह भी उसने जमा कर दिये। उसके बाद भी कर्ज देने के बजाय किसी न किसी बहाने से पैसे मांगे जा रहे है। जब उसे एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो गया तो घटना की शिकायत लेकर पहले तो सगरा थाना पहुंचा। जहां उसकी  फरियाद तो सुनी गई पर अमल न करते हुये साइबर सेल का रास्ता बता दिया गया। शनिवार को साइबर सेल पहुंच कर शिकायत दर्ज करवाई। मजे की बात यह है कि ठग ने पीडि़त को अपने विश्वास में लेने के अपना आधार कार्ड और पेन कार्ड मोबाइल के वाटसअप पर भेजा था। जिसकी जांच किये जाने पर प्रथम दृष्टया फर्जी बताया गया है।

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