वीरेंद्र सिंह सेंगर 'बबली'
रीवा. सिविल लाइन थाना अंर्तगत कामधेनू डेयरी स्थित निर्माणाधीन भवन में श्रमिक की हुई हत्या का एसपी नवनीत भसीन ने सोमवार को खुलासा करते हुये बताया कि श्रमिक की हत्या उसकी पत्नी ने ही की थी। पुलिस ने आरोपिया गोल्डी उर्फ गुल्ली कोल पत्नी श्यामलाल कोल 35 वर्ष निवासी बड़ी थाना रामपुर नैकिन जिला सीधी को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। साथ ही बताया कि आरोपिया से पुलिस ने 28 हजार रूपये बरामद कर लिये हैं जो मृतक द्वारा मजदूरी कर अर्जित की गई थी। उक्त बातें आयोजित पत्रकारवार्ता में डीआईजी एवं रीवा एसपी नवनीत भसीन ने बताई। इस दौरान एडिशनल एसपी अनिल सोनकर, शहर एसपी शिवाली चतुर्वेदी तथा टीआई सिविल लाइन हितेंद्रनाथ शर्मा मौजूद रहे। गौरतलब है कि 5 मार्च की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि निर्माणाधीन भवन में श्रमिक की हत्या कर दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त श्यामलाल कोल पिता परदेशी कोल 45 वर्ष निवासी खड्डी थाना रामपुर नैकिन जिला सीधी के रूप में बताई। बताया कि श्रमिक मथुरा में जाकर मजदूरी का काम करता है। होली त्योहार होने पर श्यामलाल 4 मार्च को रीवा पहुंचा। रीवा आने के पहले खड्डा में रह रही अपनी पत्नी को सूचित कर रीवा अपने साढू छोटेलाल कोल के पास मिलने को बुलाया था।
नशे में पत्नी दिखाई देती थी चरित्रहीन
पुलिस ने खुलासे के दौरान बताया कि आरोपिया का कहना है कि उसका पति उसकी चरित्र पर शंका करता था। शराब पीने के बाद वह हमेशा चरित्र को लेकर लड़ाई-झगड़ा करता था। घटना की रात भी श्यामलाल शराब पिये हुये था। नशे में आने के बाद चरित्र को लेकर विवाद करने लगा। विवाद के दौरान श्यामलाल मारपीट पर उतारू हो गया। अपना बचाव करते हुये वह श्यामलाल को धक्का दे दी। धक्का देने पर श्यामलाल गिर गया, इसी बीच वहां रखी लकड़ी की पटिया से श्यामलाल पर दनादन वार करने लगी। यहां तक की कमरे पर रखी पत्थर की पटिया भी उसके सिर पर पटक दी। जब उसकी मौत हो गई तो महिला अपने बहनोई छोटेलाल कोल के पास जाकर बताई कि दो अज्ञात लोगों ने उसके पति के साथ मारपीट कर रहे है। और जब लौट कर आती है तो बहनोई श्यामलाल को देख उसकी मौत होने की बात करता है। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस को महिला ने वही स्टोरी बताई जो अपने बहनोई को बताई थी। लेकिन शहर एसपी शिवाली चतुर्वेदी, महिला थाना प्रभारी निशा मिश्रा एवं टीआई सिविल लाइन हितेंद्रनाथ शर्मा के सामने उसकी बनाई कहानी की पोल खुल गई।
पत्रकारवार्ता में एसपी भसीन ने कहा कि 24 घंटे के अंदर अंधी हत्या का खुलासा करने वाले पुलिसकर्मियों को 5 हजार रूपये की नगद राशि से पुरस्कृत किया जायेगा। पुरस्कार पाने में टीआई सिविल लाइन हितेंद्रनाथ शर्मा, समान टीआई सुनील गुप्ता, महिला थाना प्रभारी निशा मिश्रा, निरीक्षक वीरेंद्र पटेल, उप निरीक्षक सुक्कूलाल उईके, आरएन बागरी, एएसआई पवन सिंह, केपी शुक्ला, प्रमोद बागरी, प्र.आ. विवेक सिंह, आनंद शेखर तिवारी, महेश वर्मा, आरक्षक मनीष सिंह, शरद सिंह, शिवमूर्ति मिश्रा, आशीष त्रिपाठी, बृजेश सिंह, म.आ. ज्योति ठकराल, स्वाती गौतम, खुशबू तिवारी तथा एफएसएल टीम से आरक्षक वीरेंद्र नामदेव एवं कमलेंद्र सिंह का नाम शामिल है।

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