पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ख़राब फॉर्मेट के चलते टीम से न अब उस देश के फैंस खुश हैं और न ही पाकिस्तान टीम के पूर्व खिलाडी। पाकिस्तान की टीम सालों से अपने घर में टेस्ट सीरीज़ नहीं जीत पाई है। हाल फ़िलहाल इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान को मुल्तान में शुक्रवार को खेले गए टेस्ट मैच में 47 रन से हार का सामना करना पड़ा। टीम के इसी ख़राब फॉर्मेट के चलते पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाडी शोएब अख्तर ने टीम पर जम कर गुस्सा निकाला और मानो एक तरीके से वो लाइव टीवी पर अपना आपा ही खो बैठे। पाकिस्तान क्रिकेट में जारी संकट पर अख्तर ने खिलाड़ियों और प्रबंधन की आलोचना की और साथ ही उन्होंने कप्तान पर भी निशाना साधा। शोएब अख्तर ने बोला की पाकिस्तान क्रिकेट में पिछले एक दशक से गिरावट आई है। और उन्होंने यहां तक दावा किया कि टीम में मौजूदा खिलाड़ी अच्छे नहीं हैं। शोएब अख्तर ने पीटीवी स्पोर्ट्स से बातचीत में कहा, 'आप जो बोएंगे वही काटेंगे। हारना ठीक है, लेकिन मैच भी बराबरी का होनी चाहिए। हालांकि, पिछले दो दिनों में हमने जो देखा, पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने पूरी तरह से उम्मीद छोड़ दी। इतना ही नहीं शोएब अख्तर ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को भी चेतावनी दी और अध्यक्ष मोहसिन नकवी से देश में क्रिकेट की बेहतरी के लिए कड़े कदम उठाने को कहा है। अख्तर ने कहा, 'फैंस कह रहे हैं कि पाकिस्तान को डब्ल्यूटीसी से ही हट जाना चाहिए। मैंने कुछ कमेंट्स देखे। यह निराशाजनक है। इससे पाकिस्तान क्रिकेट, प्रशंसकों और आने वाली प्रतिभाओं को नुकसान होने वाला है। मैं पीसीबी से इस गड़बड़ी को सुलझाने का अनुरोध करता हूं। इतना ही नहीं पाक के पूर्व गेंदबाज़ ने ये भी कहा की पाकिस्तान की टीम टेस्ट में बेहद ही खराब है। पाकिस्तान की टीम रोड पर कब आएगी, यह कहना मुश्किल है लेकिन हम चाहेंगे कि कुछ तो पाकिस्तान टीम सुधार करें।
गुटबाजी से पाकिस्तान क्रिकेट को काफी नुकसान
इसके अलावा अख्तर ने बाबर आजम को लेकर भी बात की और कहा कि मुझे लगता है कि बाबर की बल्लेबाजी तकनीक में खराबी आई है. उन्हें उसपर काम करना होगा. वो एक बेहतर बल्लेबाज हैं लेकिन उन्हें अपने अंदर सीखने की ललक को बनाए रखना होगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान टीम के अंदर गुटबाजी से पाकिस्तान क्रिकेट को काफी नुकसान हुआ है। टीम में कई खिलाड़ी कप्तान बनने की होड़ में हैं। ऐसे में खिलाड़ियों के बीच अनबन है। इस मामले पर बोलते हुए (14) अख्तर ने स्वीकार किया कि जब प्रबंधन कप्तान से डरेगा, तो गुटबाजी जैसे मुद्दे टीम की प्रगति को नुकसान पहुंचाते रहेंगे। उन्होंने कहा, 'अगर आपका प्रबंधन और कप्तान कमजोर है तो गुटबाजी होगी। यदि कप्तान स्वार्थी है, तो गुटबाजी होगी।'अख्तर ने कहा की जब चयन की बात आती है तो कप्तान ही कॉल लेता है। मेरे खेलने के दिनों से ही यही संस्कृति रही है।' खैर! शोएब अख्तर का भड़काना लाज़मी भी है क्योंकि पाकिस्तान टीम की जैसी हालत है देख कर तो नहीं लगता की वो अगले साल होने वाले बड़े इंटरनेशनल इवेंट्स के लिए बिलकुल भी तैयार नहीं है। इस बात का अंदाज़ा टेस्ट मैच से ही लगा सकते हैं की पिछले लगभग 3 सालों से पाकिस्तान टेस्ट मैच नहीं जीता है। पाकिस्तान को आखिरी बार टेस्ट मैच जीते हुए 13oo दिनों से ज्यादा हो चुके हैं। पाकिस्तान ने पिछली बार फरवरी 2021 में रावलपिंडी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घर पर कोई टेस्ट जीता था।
इन सब की वजह क्या है?
आपको पता है की इन सब की वजह क्या है? इन सब का रीज़न है टीम में फूट, ग्रुप बाज़ी और कप्तान बनने की होड़ जैसा की शोएब अख्तर का कहना है । बाबर आजम की कप्तानी की कार्यशैली हमेशा से पक्षपाती रही जिसकी वजह से टीम में ग्रुप बाजी लंबे समय से चल रही है. इसे पीसीबी ने और बढ़ाने का काम किया है. वनडे विश्व कप 2023 के बाद बाबर आजम ने कप्तानी से इस्तिफा दिया था. इसके बाद शाहीन को टी 20 और शान मसूद को टेस्ट का कप्तान बनाया गया था. ये फैसला जका अशरफ के पीसीबी अध्यक्ष रहते हुआ था लेकिन मोहसिन नकवी के अध्यक्ष बनने के बाद शाहीन की कप्तानी भी छीन ली गई. इस कदम ने भी टीम को बांटा जिसका असर विश्व कप 2024 और बांग्लादेश टेस्ट सीरीज में दिखा है. बांग्लादेश सीरीज के दौरान शान मसूद और शाहीन अफरीदी के बीच मारपीट की खबर भी आई. इससे भी पहले कप्तानी को लेकर बाबर और शाहीन के भी रिश्ते नहीं सही थे। यही है की जिस टीम में एकता न हो, मारपीट हो, आउट ऑफ फॉर्म खिलाड़ी हों उस टीम का नीचे गिरना लाजमी है। इन सब चीज़ों में पाकिस्तान टीम के पूर्व कप्तान बाबर का भी बहुत बड़ा हाथ है क्योंकि पिछले पांच सालों में बाबर बतौर कप्तान अपनी टीम को जोड़ कर रख ही नहीं पाए यही वजह है की 2019 से 2024 तक यानि की पिछले पांच सालों में हुए पांच बड़े इवेंट में पाकिस्तान की टीम को असफलता ही हाथ लगी।


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