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Thursday, 19 March 2026

 



जंग के चलते क्रूड दोगुना, 146 डॉलर पहुंचा:पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है; ईरानी हमले से कतर गैस प्लांट बंद, यूरोप में कीमत 30% बढ़




ईरान की ओर से खाड़ी देशों के एनर्जी ठिकानों पर नए हमलों के बाद आज 19 मार्च को ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल और नेचुरल गैस की कीमतों में 30% तक की तेजी है।

जंग शरू होने के बाद से भारत में क्रूड की कीमतें लगभग दोगुनी होकर 146 डॉलर पर पहुंच गई है। इसके बढ़ने से भारत में गैस सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं।

घरेलू गैस सिलेंडर और पेट्रोल डीजल के दाम…


भारत पर होने वाले असर को 2 पॉइंट में समझें…

भारत अपनी जरूरत का 85% कच्चा तेल और 50% से ज्यादा गैस आयात करता है, इसलिए वहां की हर हलचल हमारी जेब और इकोनॉमी पर असर डालती है।

1. पेट्रोल-डीजल और LPG के दाम बढ़ सकते हैं

इंडियन बास्केट के साथ इंटरनेशनल बेचमार्क ब्रेंट क्रूड भी जंग के बाद 73 डॉलर से बढ़कर 114 डॉलर प्रति बैरल पहुंच है। अगर कच्चा तेल इसी स्तर पर बना रहा, तो सरकारी तेल कंपनियों के लिए मौजूदा कीमतों पर पेट्रोल-डीजल और गैस बेचना मुश्किल होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में गैस और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 10 से 15 रुपए तक की बढ़ोतरी की आशंका है।

सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल अपने मार्जिन को कम करके या घाटा सहकर कीमतों को कंट्रोल में रखा है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में साफ किया है कि भारत की एनर्जी सिक्योरिटी पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि इसके बावजूद अगर अगले 1-2 हफ्ते तक क्रूड इसी स्तर पर बना रहता है, तो सरकार के पास दाम बढ़ाने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा।





2. खाने-पीने की चीजें भी महंगी हो सकती है

कच्चा तेल से सिर्फ पेट्रोल-डीजल नहीं बनता बल्कि पेंट, प्लास्टिक, फर्टिलाइजर और दवाइयों के कच्चे माल में भी इस्तेमाल होता है। डीजल महंगा होने से माल ढुलाई महंगी होगी, जिससे फल, सब्जी और अनाज के दाम बढ़ेंगे। कुल मिलाकर आम आदमी का बजट बिगड़ जाएगा।

यूरोप में गैस की कीमतें 30% से ज्यादा उछली

ईरान के कतर पर किए गए इस हमले का सबसे ज्यादा असर यूरोप में गैस के दामों पर पड़ा है। यहां मुख्य गैस कॉन्ट्रैक्ट डच TTF बेंचमार्क एक समय करीब 30% तक उछलकर 70 यूरो पर पहुंच गया था। हालांकि अभी यह 16% की तेजी के साथ 63 यूरो के करीब ट्रेड कर रहा है।

ब्रिटेन में गैस की कीमतें 140% तक बढ़ीं

ब्रिटेन में थोक गैस की कीमतें बढ़कर 171.34 पेंस प्रति थर्म ($2.29) पर पहुंच गई हैं। जनवरी 2023 के बाद से कीमतें इस स्तर तक पहले कभी नहीं पहुंची थीं। जंग शुरू होने के बाद ये करीब 140% बढ़ी है। युद्ध से पहले इसकी कीमत 71.13 पेंस प्रति थर्म ($1.33) थी।

क्रूड और गैस के दाम बढ़ने की 2 वजहें

1. कतर का रास लफ्फान प्लांट बंद

ईरान के ड्रोन हमलों में कतर के रास लफ्फान को काफी नुकसान पहुंचा है। यह दुनिया का सबसे बड़ा LNG हब है और ग्लोबल सप्लाई का करीब पांचवां हिस्सा (20%) यहीं से आता है। हमले के बाद इस प्लांट को फिलहाल बंद कर दिया गया है। इससे सप्लाई रुक गई है।

2. 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' का लगभग बंद होना

भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' का बंद होना है। ये करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा।

दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। ईरान खुद इसी रूट से एक्सपोर्ट करता है।





नॉलेज बॉक्स: तीन बड़े बेंचमार्क के आधार पर पहचाना जाता है कच्चा तेल

दुनियाभर में कच्चा तेल मुख्य रूप से तीन बड़े बेंचमार्क के आधार पर पहचाना और बेचा जाता है, जिन्हें ब्रेंट, WTI और OPEC बास्केट कहते हैं। ब्रेंट क्रूड उत्तरी सागर (यूरोप) के समुद्री कुओं से निकलता है और दुनिया का दो-तिहाई तेल कारोबार इसी के भाव पर टिका है।

वहीं WTI अमेरिका के जमीनी इलाकों से निकलता है और अपनी शुद्धता के कारण अमेरिकी बाजार का मुख्य मानक है। OPEC बास्केट सऊदी अरब, ईरान और इराक जैसे खाड़ी देशों के संगठन (OPEC) द्वारा उत्पादित अलग-अलग कच्चे तेलों का एक औसत मिश्रण है।














 2. खाने-पीने की चीजें भी महंगी हो सकती है

कच्चा तेल से सिर्फ पेट्रोल-डीजल नहीं बनता बल्कि पेंट, प्लास्टिक, फर्टिलाइजर और दवाइयों के कच्चे माल में भी इस्तेमाल होता है। डीजल महंगा होने से माल ढुलाई महंगी होगी, जिससे फल, सब्जी और अनाज के दाम बढ़ेंगे। कुल मिलाकर आम आदमी का बजट बिगड़ जाएगा।

यूरोप में गैस की कीमतें 30% से ज्यादा उछली

ईरान के कतर पर किए गए इस हमले का सबसे ज्यादा असर यूरोप में गैस के दामों पर पड़ा है। यहां मुख्य गैस कॉन्ट्रैक्ट डच TTF बेंचमार्क एक समय करीब 30% तक उछलकर 70 यूरो पर पहुंच गया था। हालांकि अभी यह 16% की तेजी के साथ 63 यूरो के करीब ट्रेड कर रहा है।

ब्रिटेन में गैस की कीमतें 140% तक बढ़ीं

ब्रिटेन में थोक गैस की कीमतें बढ़कर 171.34 पेंस प्रति थर्म ($2.29) पर पहुंच गई हैं। जनवरी 2023 के बाद से कीमतें इस स्तर तक पहले कभी नहीं पहुंची थीं। जंग शुरू होने के बाद ये करीब 140% बढ़ी है। युद्ध से पहले इसकी कीमत 71.13 पेंस प्रति थर्म ($1.33) थी।

क्रूड और गैस के दाम बढ़ने की 2 वजहें

1. कतर का रास लफ्फान प्लांट बंद

ईरान के ड्रोन हमलों में कतर के रास लफ्फान को काफी नुकसान पहुंचा है। यह दुनिया का सबसे बड़ा LNG हब है और ग्लोबल सप्लाई का करीब पांचवां हिस्सा (20%) यहीं से आता है। हमले के बाद इस प्लांट को फिलहाल बंद कर दिया गया है। इससे सप्लाई रुक गई है।

2. 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' का लगभग बंद होना

भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' का बंद होना है। ये करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा।

दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी रास्ते से मंगाता है। ईरान खुद इसी रूट से एक्सपोर्ट करता है।



Mauganj News: मऊगंज में बनेगा पतंजलि ग्रुप का एकीकृत प्रसंस्करण केन्द्र, शुरू हुई प्रक्रिया, किसानों और युवाओं की खुलेगी किस्मत

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Friday, 4 April 2025

 

रीवा। लंबे समय के बाद एक और बड़ा व्यवसायिक ग्रुप निवेश करने जा रहा है। पतंजलि ग्रुप को मऊगंज के घुरेहटा में करीब चार सौ एकड़ भूमि आवंटित की गई है। यहां पर पतंजलि गु्रप ने एकीकृत प्रसंस्करण केन्द्र स्थापित करने की योजना बनाई है। जिसमें खाद्य प्रसंस्करण के साथ ही आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा उत्पाद, स्किल डेवलपमेंट सेंटर सहित अन्य जरूरी संसाधन विकसित किए जाएंगे। बीते साल अक्टूबर महीने में रीवा में आयोजित रीजनल इंडस्ट्रियल कांक्लेव में पतंजलि ग्रुप के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण ने एक हजार करोड़ के निवेश की घोषणा की थी। उस दौरान फूड इंडस्ट्री पर उन्होंने निवेश के संकेत दिए थे लेकिन हाल ही में भोपाल में एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कार्पोरेशन के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उन्होंने कहा है कि मऊगंज के घुरेहटा में मिलने जा रही भूमि पर वह केवल एक प्लांट नहीं बल्कि एकीकृत प्रसंस्करण केन्द्र स्थापित करेंगे। जहां पर कई तरह की गतिविधियां संचालित की जाएंगी। बनारस-नागपुर रूट पर स्थित घुरेहटा में मिलने वाले १५७.९ हेक्टेयर भूखंड में पतंजलि ग्रुप अपना बड़ा सेंटर बनाने की तैयारी में है। यहां पर हरिद्वार फूड एंड हर्बल पार्क की तर्ज पर कई गतिविधियां एक साथ संचालित करने के लिए व्यवसायिक कैम्पस  स्थापित किया जाएगा। इस इंटेग्रेटेड प्रोसेसिंग यूनिट में बहुआयामी सुविधाएं बनाने पर जोर दिया जा रहा है। अप्रेल के आखिरी सप्ताह या फिर मई महीने के प्रथम सप्ताह में पतंजलि ग्रुप की टीम के मऊगंज आने की संभावना है। 

इधर एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कार्पोरेशन ने भूमि आवंटन की सूचना पतंजलि ग्रुप को भेजी है। इसके साथ ही 26 करोड़ रुपए की डिमांड भी भेजी गई है। यह शासन द्वारा निर्धारित दर के आधार पर है। उक्त राशि जमा करने के बाद कंपनी को कब्जा दे दिया जाएगा। माना जा रहा है कि जिस गति से कार्य चल रहा है, उससे मई महीने में यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। विंध्य क्षेत्र में बड़े निवेश के साथ ही पतंजलि ग्रुप के आचार्य बालकृष्ण कह चुके हैं कि यहां के किसानों द्वारा जो भी उत्पाद तैयार किया जाएगा उसे वह गारंटी के साथ खरीदेंगे। अब कहा जा रहा है कि गु्रप की ओर से नागपुर में संतरों की वजह से बड़ा प्लांट लगाया जा रहा है। इसके लिए विंध्य में भी संतरा और नीबू की खरीदी की जाएगी। साथ ही अन्य खाद्य प्रसंस्करणों के लिए भी कृषि उत्पादों की खरीदी होगी। 

उनकी टीम जल्द ही भ्रमण के लिए आएगी

यूके तिवारी, कार्यकारी निदेशक एमपीआईडीसी ने बताया कि, पतंजलि ग्रुप ने निवेश की इच्छा रीवा के कांक्लेव में ही जाहिर की थी। अब उसकी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। ग्रुप से जोड़े लोग यहां पर एकीकृत प्रसंस्करण केन्द्र स्थापित करना चाहते हैं। उनकी टीम जल्द ही भ्रमण के लिए आएगी और अपनी कार्ययोजना तैयार करेगी। 

इन कार्यों पर रहेगा फोकस

  • फूड प्रोसेसिंग और डेयरी उत्पादन: घुरेहटा का यह केन्द्र स्थानीय स्तर पर उत्पादित अनाज, फल, सब्जियों और डेयरी उत्पादों जिसमें दूध, घी और दही आदि के प्रसंस्करण पर काम करने की तैयारी में है। गेहूं और धान पर विशेष फोकस होगा।
  • आयुर्वेदिक उत्पाद: विंध्य क्षेत्र की समृद्ध जड़ी-बूटी संपदा का अपना अलग महत्व है। इनका उपयोग कर आयुर्वेदिक दवाइयां, हर्बल सप्लीमेंट्स और स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद बनाए जाएंगे। औषधीय पौधों की खेती, संग्रहण आदि का कार्य भी होगा।
  • पर्यावरण अनुकूल तकनीक: पतंजलि का जोर पर्यावरण स्थिरता पर है, इसलिए यह केन्द्र सौर ऊर्जा, जल संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों का उपयोग कर सकता है।  
  • रोजगार सृजन: यह केन्द्र स्थानीय लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा करेगा। हरिद्वार मॉडल की तरह यहां भी हजारों लोगों को काम मिलने की संभावना है। किसानों को जैविक खेती के लिए प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ा जाएगा।
  • परंपराएं आधुनिकता से जोड़ना: यहां पर आधुनिक मशीनरी और तकनीक का उपयोग होगा, लेकिन उत्पादन प्रक्रिया आयुर्वेद और भारतीय परंपराओं पर आधारित होगी। जिसमें गो-उत्पादों (गाय के दूध, गोबर, गोमूत्र) का उपयोग स्वास्थ्य और कृषि उत्पादों में किया जा सकता है।
  • हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर: पतंजलि ग्रुप उज्जैन में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर विकसित कर रहा है। उसी की तर्ज पर घुरेहटा में भी योग, आयुर्वेद चिकित्सा और पंचकर्म जैसी सुविधाएं मिलेंगी। 


रीवा में निर्माणाधीन आईटी पार्क का स्थान परिवर्तन करने महापौर ने उठाई मांग, बताई बड़ी वजह

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Thursday, 20 March 2025

रीवा। शहर के कालेज चौराहे के पास निर्माणाधीन आईटी पार्क के स्थान परिवर्तन की मांग महापौर अजय मिश्रा ने उठाया है। कलेक्टर को लिखे पत्र में कहा है कि यह स्थान आईटी पार्क के अनुकूल नहीं है। भविष्य में यहां पर ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या उत्पन्न होगी क्योंकि वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है। महापौर ने कहा है कि आईटी पार्क का स्थान चयन करते समय जन प्रतिनिधियों, व्यापारियों, शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों, वकीलों, न्यायविदों, यातायात से जुड़े अधिकारियों, पत्रकारों आदि से राय एवं सुझाव लिया जाकर चयन किया जाता तो निश्चित ही योजना स्थल रीवा शहर के अनुकूल स्थान पर होता। ऐसा नहीं करने के कारण इसका निर्माण ऐसे स्थल पर हो रहा जहां पहले से ही यातायात पर भारी दबाव है। आए दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति निर्मित होती रहती है। जिला के कई बड़े कालेज एवं कई स्कूल भी जो संचालित होते हैं उनका आवागमन कालेज चौक मार्ग से होकर जाता है। त्योहारों या अन्य अवसरों पर यहां भीड़ जमा हो जाती है। चयनित स्थल पर पार्किंग के लिए पर्याप्त खुली भूमि भी नहीं है। आने वाले समय में यह भवन ट्रैफिक के लिए बड़ी समस्या बन सकता है। महापौर ने यह भी कहा है कि इस इमारत की ऊंचाई 45 मीटर से ऊपर होगी जिसमें 15 तल बनने हैं। ऐसे में हजारों लोगों की आवाजाही होगी। इस कारण आवश्यक है कि आईटी पार्क का निर्माण इंजीनियरिंग कालेज, विश्वविद्यालय या फिर अन्य उचित स्थान पर कराए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाए, जिससे रीवा की ट्रैफिक व्यवस्था को ठीक बनाए रखने में मदद मिलेगी। 


Rewa News: विंध्य आईकानिक बिजनेस अवार्ड से सम्मानित हुई कई विभूतियां

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Saturday, 8 March 2025

रीवा. स्नेहा इवेंट्स एंड मैनेजमेंट टीम मुंबई के विष्णु मिश्रा द्वारा होटल लैंडमार्क में आयोजित सांस्कृतिक एवं संगीत कार्यक्रम के दौरान कई विभूतियों को विंध्य आईकानिक बिजनेस अवार्ड 2025 का दिया गया। इस दौरान विंध्य क्षेत्र के 35 विभूतियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में संगीत के निर्णायक की भूमिका में बॉलीवुड सिंगर अरविंदर सिंह एवं वरिष्ठ लोकगायिका मणिमाला सिंह रहीं। विंध्य आईकानिक बिजनेस अवार्ड में जिन विशिष्ट जनों का सम्मान हुआ उनमें प्रमुख रूप से जीवेंद्र सिंह शिक्षाविद, अंबुज त्रिपाठी शिक्षाविद, वरिष्ठ समाजसेवी सुभाष श्रीवास्तव, नारायण डिगवानी दुष्यंत, डीपी सिंह परिहार, डॉ. विनोद तिवारी, मणिमाला सिंह बघेल, पद्मश्री बाबूलाल दहिया, डॉ. संतलाल रायबरेली, पलक केशवानी, हीरेंद्र सिंह, सत्यभान सिंह, सिद्धार्थ श्रीवास्तव, रावेन्द्र मिश्रा रवि, आदर्श पाण्डेय, जयदेव ताम्रकार, सुनैना दुबे, अर्चना शुक्ला, आलोक त्रिपाठी, आशीष तिवारी निर्मल, मोहम्मद अल साहिल, शिरीन खान, शेर बहादुर सिंह परिहार, सोहित योगी, सचिन दुबे, रत्नेश पाण्डेय, अंजना सिंह, कुलदीप पटेल, मुस्कान रघुवंशी, गौरी अरजरिया, हीरेन्द्र गौतम, मिनाक्षी सिंह, यशवंत पाण्डेय, नदीम खान, आशीष कुशवाहा, बुद्धसेन विश्वकर्मा, रामबली गुप्ता आदि शामिल हैं। 

Union Budget 2025: उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने केंद्रीय बजट को बताया समावेशी और प्रगतिशील, जानिए बजट में क्या है खास

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Sunday, 2 February 2025



उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने केंद्रीय वित्त मंत्री   निर्मला सीतारमण को समावेशी और प्रगतिशील केंद्रीय बजट (वर्ष 2025-26) प्रस्तुत करने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यह बजट भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, आधारभूत संरचना और कर सुधारों में व्यापक कदम उठाए गए हैं, जो सभी वर्गों को लाभान्वित करेंगे। उप मुख्यमंत्री   शुक्ल ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट प्रावधानों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने उन्नत चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के बजट में वृद्धि से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। मेडिकल डिवाइस पार्क और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन से राज्य के अस्पतालों में अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए विशेष केंद्रों की स्थापना से स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई प्राप्त होगी।        

उप मुख्यमंत्री   शुक्ल ने कहा कि जीवन रक्षक दवाओं को टैक्स फ्री करना एक दूरदर्शी कदम है, जो आम लोगों की चिकित्सा लागत को कम करेगा। हर ज़िले में डे-केयर कैंसर सेंटर्स की स्थापना से गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा सुदूर क्षेत्रों तक पहुंचेगी। मेडिकल उपकरण और कैंसर की दवाओं को सस्ता करने का निर्णय स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। 6 जीवन रक्षक दवाओं पर कस्टम ड्यूटी में 5% की कटौती और 13 मरीज सहायता कार्यक्रमों को बेसिक कस्टम ड्यूटी से बाहर करना आम जनता के लिए राहत लेकर आएगा। यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है, जो प्रधानमंत्री   मोदी के ‘स्वस्थ भारत’ के संकल्प को साकार करेगा। मेडिकल सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि का प्रावधान किया गया है। यह कदम चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं में कुशल डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।       

उप मुख्यमंत्री   शुक्ल ने कहा कि वित्त मंत्री ने आयकर स्लैब में ऐतिहासिक सुधार कर मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत दी है। नई कर व्यवस्था के तहत आयकर छूट की सीमा को ₹7 लाख से बढ़ाकर ₹12 लाख किया गया है। साथ ही स्टैंडर्ड डिडक्शन को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 कर दिया गया है। धारा 80C के तहत निवेश प्रोत्साहन में वृद्धि की गई है, जिससे करदाताओं को अतिरिक्त बचत का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति को बढ़ाएगा बल्कि उन्हें बचत और निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि कृषि क्षेत्र में डिजिटल एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म के प्रोत्साहन और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के विस्तार से किसानों की आय में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे खेती में आधुनिक तकनीकों का समावेश होगा और उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी होगी। इन योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे नेटवर्क और ग्रामीण सड़कों के विस्तार के लिए बड़े निवेश की घोषणा की गई है। यह कदम न केवल परिवहन तंत्र को मजबूत करेगा बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी बढ़ावा देगा, जिससे उद्योग और व्यापार को नई ऊर्जा मिलेगी।       

उप मुख्यमंत्री   शुक्ल ने कहा कि लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) के लिए आसान ऋण सुविधा और विशेष कर छूट की व्यवस्था से इस क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी और राज्य की औद्योगिक क्षमता को मजबूती मिलेगी। पर्यटन और सांस्कृतिक क्षेत्रों के विकास के लिए हेरिटेज स्थलों के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। यह कदम राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के साथ-साथ पर्यटन उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार इस बजट का भरपूर लाभ उठाकर प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल विकास का रोडमैप है बल्कि समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाने वाला दस्तावेज है।

रीवा के कालेज चौराहे में दस मंजिला बनेगा आईटी पार्क, सीएम ने इसके अलावा 2690 करोड़ की नई औद्योगिक इकाइयों का किया भूमिपूजन

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Thursday, 24 October 2024

 

रीवा।  रीजनल कांक्लेव
 समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई भूमिपूजन और लोकार्पण भी किए। इसमें प्रमुख रूप से शहर के कालेज चौराहे में
50 हजार वर्गफीट में बनाए जा रहे 10 मंजिला आईटी पार्क का भी भूमिपूजन किया। इसकी लागत 66.71 करोड़ रुपए है। यह भवन 45 मीटर ऊंचाई का होगा। यहां पर अभी विंध्य विकास प्राधिकरण और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का कार्यालय था। जिन्हें कुछ दिन पहले ही हटाया गया है। रीवा के चोरहटा उद्योग विहार को बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए मुख्यमंत्री ने औद्योगिक केन्द्र में विद्युत सब स्टेशन निर्माण का भी भूमिपूजन किया। कुछ दिन पहले ही उद्योग विहार इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव खन्ना सहित उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री से बिजली की ट्रिपिंग की समस्या बताई थी।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से 21 औद्योगिक
इकाईयों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इनकी कुल लागत 2690 करोड़ रुपए है। इस दौरान पीथमपुर, उज्जैन, सागर सहित कई अन्य जिलों के उद्यमियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ही संवाद किया। इसमें कई ऐसे कार्यों का भूमिपूजन हुआ जो महीने भर पहले सागर के रीजनल कांक्लेव में प्रस्तावित किए गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गति बताती है कि उद्योगों की स्थापना के लिए हम कितना संवेदनशील हैं। एक उद्यमी ने बताया कि सात दिन के भीतर कागजी प्रक्रिया पूरी हुई है, जिससे वह जल्दी काम शुरू कर पा रहे हैं।

नगर निगम और एमपीआईडीसी के बीच एमओयू
मुख्यमंत्री के सामने उद्योग विहार चोरहटा में पेयजल आपूर्ति को लेकर नगर निगम के आयुक्त सौरभ सोनवणे और एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कार्पोरेशन के कार्यकारी निदेशक यूके तिवारी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। नगर निगम बाणसागर बांध से आने वाले पानी को फिल्टर करने के बाद पाइपलाइन के जरिए चोरहटा तक पहुंचाएगा। जहां से एमपीआईडीसी उद्योग विहार चोरहटा के प्लाटों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था बनाएगा। पेयजल की बड़ी समस्या थी। मीठा पानी नहीं होने की वजह से उद्योगों को स्वयं बड़ा आरओ लगाना पड़ता था लेकिन अब इस समस्या का समाधान होगा। इसी तरह सतना में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एकेएस यूनिवर्सिटी सतना तथा पर्यटन विकास निगम के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

छह विभागों का प्रमुख सचिवों ने किया प्रजेंटेशन
रीजनल कांक्लेव में छह विभागों की ओर से प्रजेंटेशन दिया गया, जिसमें विभागों के प्रमुखों ने निवेश की संभावनाएं बताते हुए कहा कि यही सही है जब मध्यप्रदेश में निवेश किया जा सकता है। जिसमें औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की ओर से प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह, एमएसएमई के सचिव एन कोठारी , आईटी के प्रमुख सचिव संजय दुबे, खनन के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला, उर्जा के एसीएस मनोज श्रीवास्तव और पर्यटन विभाग की ओर से प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला ने प्रजेंटेशन दिया और अपने विभागों की खूबियां बताई। 

एयरपोर्ट पर छह विमान उतरे
इसी सप्ताह लोकार्पित हुए एयरपोर्ट में बुधवार को छह विमान उतरे। जिसमें मुख्यमंत्री के अलावा एक विमान प्रमुख सचिव एवं अधिकारियों का रहा। एक विमान पुनीत डालमिया का था। एक पतंजलि ग्रुप का था। इसी तरह एक अन्य विमान भी पहुंचा था। नियमित चलने वाली एयर टैक्सी का विमान मिलाकर छह विमान आए और गए। 

रीजनल कांक्लेव की पूरी जानकारी और निवेश का आंकड़ा जानने के लिए क्लिक करे Click 

Rewa News: कला उत्सव में किफायती दाम पर उपलब्ध हैं रेडीमेड कपड़े, ज्वेलरी, होम डेकोर, खिलौनें सहित पूजा-पाठ से संबंधित सामग्री

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Sunday, 6 October 2024

रीवा में स्थानीय कृष्णा राजकपूर आडिटोरियम में लक्ष्मी एजुकेशन एंड ट्रेनिंग सोसायटी दो दिवसीय कला उत्सव का आयोजन किया गया। जिसका शुभारम्भ शनिवार 5 अक्टूबर को सांसद जनार्दन मिश्रा ने किया। कला उत्सव में हाथ से बनी विभिन्न सामग्रियों के स्टॉल लगाए गए हैं। जिसमें आगामी त्योहारों दशहरा, दीवाली और करवा चौथ से संबंधित सामग्रियां बिक्री के लिए रखी गई हैं। विभिन्न स्टॉलों में विविध वस्तुओं, रेडीमेड कपड़े, ज्वेलरी, होम डेकोर, खिलौनें सहित पूजा-पाठ से संबंधित सामग्री बेहद ही किफायती दाम पर उपलब्ध है। मुख्य अतिथि सांसद जनार्दन मिश्रा ने विभिन्न स्टॉलों में जाकर महिला उद्यामियों से बात की साथ ही उनके उत्पादों के बारे में जानकारी ली। सोसायटी की सचिव सोनाली श्रीवास्तव के मुताबिक पिछले चार सालों से ये आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में महिला उद्यामियों को प्राथमिकता दी गई है। देखिये एक झकल इस वीडिओ में -


भारत में 20 साल बाद कोई ऑटोमेकर कंपनी पहली बार लॉन्च करने वाली है सबसे बड़ा IPO

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Thursday, 26 September 2024

भारत में 20 साल बाद कोई ऑटोमेकर कंपनी पहली बार IPO लॉन्च करने वाली है. और वो भी SEBI के इतिहास सबसे बड़ा IPO. इस कंपनी के नाम से आप वाकिफ जरूर होंगे जिसका नाम है हुंडई जो भारत में सबसे ज्यादा कार बेचने के मामले में दूसरे नंबर पर है. हुंडई, LIC के बाद सबसे बड़ा IPO लॉन्च करने वाली कंपनी बन गई है जिसका IPO साइज 25, हजार करोड़ रुपए का है. जो LIC से 4 हजार करोड़ रुपए ज्यादा है. और इंटरेस्टिंग बात ये है कि कंपनी इतने सारे पैसे जुटाने के लिए कोई नए शेयर इशू नहीं कर रही है बल्कि अपने मौजूदा इंवेस्टवेर्स और OFS के जरिए शेयर बेंच रही है.

जैसा की हमने पहले बताया हुंडई 20 सालों में पहली बनर IPO लॉन्च करने वाली ऑटोमेकर है , 20 साल पहले, 2003 में मारुती सुजुकी ने IPO लांच किया था तब एक शेयर की कीमत 173 रुपए थी जो आज 12 हजार 774 रुपए का है. वैसे इसका मतलब ये नहीं है कि इंडियन शेयर मार्केट में सिर्फ दो ही ऑटोमेकर्स लिस्टेड हैं फ़िलहाल मारुती सुजुकी के अलावा महिंद्रा और टाटा मोटर्स भी काफी वक़्त से लिस्टेड कंपनियां हैं और हुंडई चौथी लिस्टेड कंपनी बनने वाली है.

हुंडई मोटर इंडिया, मारुती सुजुकी के बाद देश की सबसे बड़ी कार बनाने वाली कंपनी है, जो इंडियन ऑटो मार्केट में 15 परसेंट का मार्केट शेयर होल्ड करती है. इस कंपनी का मार्केट कैप 3 . 911 ट्रिलियन रुपीज है जो पूरी दुनिया में 435वीं मोस्ट वैल्युएबल कंपनी है. ये मारुती सुजुकी से सिर्फ थोड़ा ही पीछे हैं.

हुंडई की इंडिया में सन 1996 में एंट्री हुई थी असल ये इसका ओरिजिन जापान है. मौजूदा वक़्त में हुंडई अपने 13 कार मॉडल्स इंडिया में सेल करती है और कंपनी के पास 1366 सेल्स अउ 1549 सर्विस सेंटर हैं. देखा जाए तो इंवेस्टवेर्स हर हाल में हुंडई का IPO लेना चाहेंगे। क्योंकि औटोमकेर्स के शेयर्स ने हमेशा तगड़ा प्रॉफिट दिया है.

अब बात करें कि हुंडई IPO लॉन्च कब होगा तो ऐसा कहा जा रहा है कि अगले महीने अक्टूबर के मिड में हुंडई अपना IPO लॉन्च करेगी मगर अबतक कोई डेट फिक्स नहीं हुई है और ना ही लॉट साइज़ के बारे में डिटेल्स सामने आई हैं. सिर्फ इशू साइज़ के बारे में पता चला है जो 25 हजार करोड़ है और इंडिया का सबसे बड़ा IPO है. वैसे क्या आपने किसी कार मैन्युफक्चरर कंपनी में इन्वेस्ट किया है और अबतक कितना सबसे ज्यादा प्रॉफिट दिया है कमेंट में हमें जरूर बताएं

उठनी एकादशी के बाद आज से शुरू हुये मंगल मुहूर्त, वैवाहिक आयोजनों को लेकर बाजार में विशेष तैयारियां, जानिये शुभ मुहूर्त

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Thursday, 23 November 2023

 

रहिये अपडेट बिजनेस डेस्क। देव उठनी एकादशी के बाद से वैवाहिक आयोजनों की शुरुआत एक बार फिर होने जा रही है। नवंबर और दिसंबर महीने में 16 विशेष मुहूर्त हैं, जिसमें बड़ी संख्या में शादियां होंगी। इन आयोजनों के लिए लोग खरीदी शुरू कर चुके हैं। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु जिस दिन जागते हैं उस दिन को देव उठनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। करीब चार महीने के बाद इस दिन से शुभ कार्यांे की शुरुआत की जाती है। वैवाहिक आयोजनों में करोड़ों रुपए बाजार में आएंगे। एक विवाह के कार्यक्रम की कई रस्में होती हैं, जिनमें अलग-अलग सामग्री की जरूरत होती है और कई लोगों को व्यवसायिक लाभ मिलता है। हाथ से बनाई गई सामग्री की बिक्री भी तेज हो गई है। बांस के बर्तनों की भी जरूरत होती है। साथ ही लकड़ी के मंडप और मगरोहन सहित दूसरी सामग्री की जरूरतें होती है जो बाजार में उपलब्ध हो गई हैं। 

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बारातघरों में दये जा रहे विशेष पैकेज 
वैवाहिक कार्यक्रमों का आयोजन अब ज्यादातर बारातघरों में ही होता है। शहरों में स्थान की कमी के चलते लोग बारातघरों में कार्यक्रम करते हैं। इनमें विशेष पैकेज भी तैयार किए गए हैं। भोजन बनाकर देने के साथ ही सजावट आदि का अलग रेट है। वहीं स्टेज सजाने से लेकर वाहनों की सजावट तक का काम करने वाले भी इनदिनों अतिरिक्त कर्मचारी बुला लिए हैं ताकि एक दिन एक से अधिक बुकिंग मिले तब भी वह पूरी कर सकें। 

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गहने और कपड़ों की खरीदी जोरों पर 
वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए कपड़े और गहनों की खरीदी भी इन दिनों जोरों पर है। साथ ही बारात के लिए साफा और अन्य सामग्री के भी दुकानों में विशेष स्टाल सजाए गए हैं। दहेज में दिए जाने वाले फर्नीचर, बर्तन और इलेक्ट्रानिक सामग्री भी लोग खरीद रहे हैं। व्यवसाइयों ने बताया कि अधिकांश बड़े सामान खरीदने वाले लोगों ने रुपए देकर बुकिंग कर ली है। संबंधित कार्यक्रम की तारीख पर जिस स्थान पर बताया गया है वहां पर उनकी सामग्री पहुंचा दी जाएगी। घरों में सबके पास उक्त सामग्री रखने को जगह नहीं है। इस कारण लोग दुकानों में ही अभी से सामग्री रखवा रहे हैं।

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ब्यूटी पार्लर में भी स्पेशल ऑफर 
दुल्हनों और अन्य महिलाओं को वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए तैयार करने के लिए शहर के ब्यूटीपार्लर भी तैयार हैं। इनकी ओर से भी अपने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अलग-अलग हिसाब से पैकेज तैयार किए गए हैं। संचालकों का कहना है कि दुल्हन को तैयार करने के लिए कई दिन लगते हैं। पहले उसके स्किन की जांच की जाती है और उसके अनुरूप सामग्री का उपयोग किया जाता है। इस वजह से कई दिन पहले से उन्हें बुलाया जाता है। 

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इनदिनों में है विवाह के विशेष मुहुर्त 

  • नवंबर 2023: 23, 24, 27, 28, 29।
  • दिसंबर 2023: 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 13, 14, 15, 16।
  • जनवरी 2024: 20, 21, 22, 27, 28, 29, 30, 31।
  • फरवरी 2024: 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 12, 13, 14, 17, 18, 19, 23, 24, 25, 26, 27, 29। 
  • मार्च 2024: 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 11, 12। 
  • अप्रेल 2024: 18, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26।
  • जुलाई 2024: 9, 11, 12, 13, 14, 15 जुलाई तक विवाह के शुभ मुहूर्त हैं।

UPI: एक साल नहीं किया लेन-देन तो बंद होगी यूपीआइ आइडी, 31 दिसंबर से पहले कर लें ट्रांजेक्शन

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Saturday, 18 November 2023

रहिये, अपडेट, नई दिल्ली. देश में हर तीसरा व्यक्ति यूपीआई आईडी के माध्यम से भुगतान कर रहा है, लेकिन अब सभी बैंक और थर्ड पार्टी ऐप उन आइडी को बंद करने जा रहे हैं, जिनमें पिछले एक वर्ष से कोई ट्रांजेक्शन नहीं हुआ।

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ज्यादा सुरक्षित होगा ट्रांजेक्शन 
इसके बारे में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने बैंकों और भुगतान से सम्बंधित थर्ड पार्टी ऐप को निर्देश जारी किया है। निर्देश में 31 दिसंबर तक निष्क्रिय आईडी को बंद करने का निर्देश दिया है। ऐसे में 31 दिसंबर से पहले यूपीआइ आइडी ट्रांजेक्शन कर लें। एनपीसीआइ का कहना है कि ऐसा करने से ट्रांजेक्शन और ज्यादा सुरक्षित हो जाएंगे।

Sohan Papdi: सोहन पपड़ी को बदनाम करने की कोशिश हो रही नाकाम, त्योहार में देशी मिठाइयों के साथ सेहत का रखा जा रहा खास ध्यान

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Wednesday, 8 November 2023

 

रहिये अपडेट, बाजार। दिवाली की खरीदारी में लोग पूरे जोर-शोर से जुट गए हैं। बाजार सजावटी सामानो सहित अन्य चीजों से पटे हैं। खास बात यह है कि लोग पारंपरिक तरीके से सजे हुए दीये ज्यादा ले रहे हैं। त्योहार में दुकानों पर मिलने वाली मिठाइयों सहित अन्य फ़ूड प्रोडक्ट्स में इस बार सेहत का खास ध्यान रखा जा रहा है। लोग देसी चीजों को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। गिफ्ट हैम्पर, चॉकलेट, मिठाइयां, ब्राउनी और शुगर फ्री प्रोडक्ट्स खरीद रहे हैं। इसके साथ लोग प्रियजनों को गिफ्ट करने के लिए एंटीक शो पीस भी खरीद रहे हैं।

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सोहन पपड़ी के बिना तो हर त्यौहार अधूरा
देसी घी की खूशबू और इलायची की सुंगध के साथ बिना खाए ही मन को मीठा कर देने वाली सोहन पपड़ी के बिना तो हर त्यौहार अधूरा है। लेकिन इस मिठाई को इन दिनों सोशल मीडिया पर बदनाम करने की कोशिश हो रही है। इसकी जगह बहुराष्ट्रीय कंपनियां चॉकलेट, टॉफी या अन्य कन्फैक्शनरी आयटम्स परोसने की तैयारी कर रही है, लेकिन देसी मिठाइयों के दीवाने भी कम नहीं हैं। सोशल मीडिया में भारतीय संस्कृति की पहचान सोहन पपड़ी के पक्ष में भी कई तर्क देने वालों की कमी नहीं है। 

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सोहन पपड़ी पर उमड़ा प्यार
जानकारों का मानना है कि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में दिवाली की बड़ी भूमिका होती है। दिवाली पर घरों में मिठाइयां भी बनती हैं। लोग सोहन पपड़ी भी खूब खरीदतें हैं। इसी को देखते हुए कुछ कंपनियां चॉकलेट को देसी मिठाइयों की जगह दिलाने की साजिश की है। लेकिन यह चल सफल होती नहीं दिख रही है। क्योंकि सोहन पपड़ी के प्रति लोगों का प्यार कम करना आसान नहीं है। एक अनुमान के मुताबिक देश में मिठाई बाजार करीब 70 हजार करोड़ रुपए का है। वहीँ प्रदेश में 5000 करोड़ का बाजार है, जिसमे से 50 करोड़ रुपए से भी ज्यादा की सोहन पपड़ी बिकती है। 

धनतेरस व दिवाली पर बाजार में चांदी की थ्री डी फिनिशिंग वाली मूर्तियां और सिक्के, जानिए क्या है इनकी खासियत

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Wednesday, 25 October 2023

रहिये अपडेट, भोपाल। दीपोत्सव के त्यौहार धनतेरस व  दिवाली पर सर्वाधिक बिकने वाले चांदी के सिक्के, मूर्तियों में इस बार बदलाव देखने को मिल रहा है। इस बार बाजार में थ्री डी फिनिशिंग वाली चांदी की मूर्तियां एवं सिक्के उपलब्ध है। इनकी शुद्घता 92.5 फीसदी तक है। इस प्योरिटी के साथ लक्ष्मी-गणेश, कुबेर, राम दरबार, लड्डू गोपाल, हनुमान, नंदी, गाय आदि की मूर्तियां उपलब्ध हैं, यह मूर्तियां कंपनियों द्वारा सर्टिफाइट भी है। जबकि चांदी के थ्री डी वाले सिक्कों में 99.9 तक की प्योरिटी के है।

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इस बात का रखें ध्यान 

दीपोत्सव के त्यौहार धनतेरस व  दिवाली पर चांदी के सिक्कों की मांग खूब रहती है। इसलिए सिक्के या मूर्तियां खरीदते समय कंपनी का मोनो और प्योरिटी जरूर देख लें। बतादें कि इस तरह के अधिकांश सिक्के देश में मुंबई, नई दिल्ली, कोलकाता से तैयार होकर आते हैं।

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थ्री डी मूर्तियों और सिक्कों की खासियत

थ्री डी फिनिशिंग वाले सिक्के और मूर्तियों की खास बात यह है कि इन्हे सामने या साइड से देखने पर उसमें लगी देवी-देवताओं की छवि जीवंत महसूस होती है। बाजार में दीपोत्सव के त्यौहार धनतेरस व  दिवाली पर चांदी का कलश, आरती की थाली, चंद्रकला लगे हुए मुकुट, गरूड़ घंटी की विशेष मांग रहती है। पहले सामान्य चांदी की मूर्तियां और सिक्के ही आते थे। 


Onion Price: फिर उछली प्याज, नवरात्र के जाते ही रुलाने लगी कीमत, 70 रुपये किलो तक पहुंचा भाव

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रहिये अपडेट, बिज़नेस। नवरात्र जाने के साथ ही एक बार फिर से प्याज ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। प्याज के दाम में अचानक से दस रुपये तक का इजाफा हो गया।  राजधाानी दिल्ली सहित देश के ज्यादातर शहरों में यह प्याज 50 रुपये के ऊपर चली गई है। देशभर में प्याज की औसत कीमत दिन दिनों पचास से पचपन रुपये चल रहा है। जबकि उपभोक्ता मंत्रालय की वेबसाइट में प्याज की अधिकतम खुदरा कीमत 70 रुपये और न्यूनतम 17 रुपये प्रतिकिलो तय है। नवरात्र  जाने के साथ ही अचानक प्याज में आई तेजी का कारण यह है कि  नवरात्र के पवित्र दिनों  में  ज्यादातर हिन्दू परिवार लहसून, प्याज का प्रयोग नहीं करते हैं। इसके अलावा मांसाहार की मांग भी काफी कम हो जाती है। जिससे प्याज की खपत बहुत कम हो जाती है। ऐसे में प्याज के दाम गिर जाते हैं।

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उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़े
उपभोक्ता मंत्रालय की वेबसाइट https://consumeraffairs.nic.in में जारी किये गये ताजा आकंड़ों की बता करें तो 24 अक्टूबर 2023 की स्थिति में प्याज की औसत कीमत राजस्थान में 27 रुपये, गुजरात में 31, बिहार में 32, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और झारखंड की खुदरा मंडियों में प्याज की औसत कीमत 33 रुपये रही। जबकि  तेलंगाना और चंडीगढ़ में प्याज का दाम  34 रुपये किलो रहा। वहीं छत्तीसगढ़ और हरियाणा में  35 रुपये किलो प्याज मिल रही है। 

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राजधानी नई दिल्ली 60 रुपये 
राजधानी नई दिल्ली की बात करें तो यहां खुदरा बाजारों में प्याज 60 रुपये तक पहुंच गई है। हालांकि हिमाचल, दिल्ली, त्रिपुरा और जम्मू- कश्मीर में प्याज  औसतन 40 रुपये किलो मिल रही है। वहीं दूसरी ओर नागालैंड, सिक्किम, मिजोरम और अंडमान निकाबार में प्याज 50 से 55 रुपये तक पहुंच गया है।


सावधान! पैकेज्ड फूड से डायबिटीज, हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों का बढ़ा खतरा, मानक से आठ गुना ज्यादा शुगर और फैट

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Wednesday, 27 September 2023

रहिये अपडेट, दिल्ली। घरों में रोजाना उपयोग होने वाली बिस्कुट, चिप्स, भुजिया, कोल्ड ड्रिंक, ब्रेड और चॉकलेट जैसे अन्य उत्पादों में शुगर, फैट व सोडियम की मात्रा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानक से आठ गुना अधिक पायी गई है। पोषण पर काम करने वाले गैर-सरकारी संगठन न्यूट्रिशन एडवोकेसी इन पब्लिक इंटरेस्ट (नापी) ने 43 पैकेज्ड फूड का अध्ययन किया। करीब एक तिहाई उत्पादों में शुगर, फैट और सोडियम की मात्रा तय मानक से अधिक थी। ये उत्पाद धीरे-धीरे लोगों को लती और बीमार बना रहे हैं। कंपनियां आक्रामक मार्केटिंग, बच्चों को लक्षित करने वाले विज्ञापन व लचर नियमों का फायदा उठाकर तेजी से बढ़ रही हैं। इन जंक फूड की खपत के साथ डायबिटीज, हाइपरटेंशन, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं।

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भारतीय मानक से अधिक खाते हैं नमक 
भारतीय नमक का उपयोग मानक के अधिक करते हैं। नेचर पोर्टफोलियो में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक एक भारतीय औसतन रोज 8 ग्राम नमक खाता है, जबकि मानक सीमा 5 ग्राम प्रतिदिन है। राष्ट्रीय एनसीडी (गैर-संचारी रोग) निगरानी सर्वेक्षण के दौरान शोधकर्ताओं ने 3000 लोगों के सैंपलों की जांच की। इनमें सोडियम की मात्रा (नमक का प्रमुख घटक) अधिक मिली। पता चला कि पुरुष (औसतन 8.9 ग्राम प्रतिदिन) महिलाओं (7.9 ग्राम/प्रतिदिन) की तुलना में अधिक नमक खाते हैं।


Business: हर्षद मेहता के घोटाले में गंवाया पैसा, सड़क पर बेचे बैग, आज हैं करोडों की बैग कंपनी के मालिक

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Saturday, 16 September 2023

 

रहिये अपडेट, बिजनेस। वर्ष 1992 में स्टॉक ब्रोकर हर्षद मेहता घोटाले में अपने पैसे गंवाने वालों में से एक थे मूलचंद जैन। इस घोटाले से उन्हें भारी झटका लगा। जब घोटाले के बाद उनकी पारिवारिक स्थिति खराब हो गई तो मूलचंद अपने बेटे तुषार जैन के साथ मुंबई की सड़कों पर बैग बेचने पर मजबूर हो गए। इसी काम को तुषार जैन ने जारी रखा और पूरी मेहनत के साथ आगे बढ़ते रहे। संघर्ष करने के बाद तुषार ने 2012 में खुद की एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी खोली। इसके जरिए उन्होंने कारोबार शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि बैग की कुल लागत में श्रम लागत 35 प्रतिशत होती है, जोे बहुत लोगों के लिए रोजगार पैदा कर सकती है।

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250 करोड़ का टर्न ओवर
तुषार की कंपनी देश की बड़ी बैग बनाने वाली कंपनी में से एक है। उनकी कंपनी का टर्नओवर 250 करोड़ रुपए हैं। सफलता की तरफ बढ़ते हुए तुषार ने बहुत सी कठिनाइयों का सामना किया लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी।

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सोनम है ब्रांड एंबेसडर
उनकी कंपनी के बैग की ब्रांड एम्बेसडर एक्ट्रेस सोनम कपूर है। उन्होंनेे अपने एक इंटरव्यू में बताया कि उनका सपना है उनकी कंपनी अगले 5 सालों में 1000 करोड़ का टर्नओवर तक पहुंच जाए।


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