शहडोल पुलिस लाइन में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब सवा 1 बजे एक दुखद घटना घटी, जिसमें ड्यूटी पर तैनात एक युवा कॉन्स्टेबल ने अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली। गोली गर्दन के पास लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान शिशिर सिंह राजपूत के रूप में हुई है। मौत से ठीक पहले शिशिर मोबाइल पर किसी से बात कर रहा था।
बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और उसने मोबाइल जमीन पर इतनी जोर से पटका कि वह पूरी तरह चकनाचूर हो गया। इसके तुरंत बाद उसने अपनी सर्विस राइफल उठाकर खुद पर फायर कर दिया। गोली की आवाज सुनते ही आसपास सो रहे अन्य पुलिसकर्मी जागे और मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और पुलिस लाइन के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। वहां से टूटा हुआ मोबाइल फोन और सर्विस राइफल जब्त की गई। पुलिस का कहना है कि घटना का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल की जांच और अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। शिशिर सिंह मूल रूप से जबलपुर का निवासी था। उसके पिता स्वर्गीय शरद सिंह थे। वर्ष 2013 में अनुकंपा के आधार पर उसे बाल आरक्षक के रूप में नियुक्ति मिली थी। 2015 में 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर वह नियमित आरक्षक के पद पर पदस्थ हुआ। वर्तमान में वह शहडोल पुलिस लाइन में तैनात था। परिवार में उसकी मां और तीन बहनें हैं।









