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Rewa News : रीवा के संजय गांधी अस्पताल में बच्चे के लापता होने से मचा हड़कंप

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रीवा के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में एक ढाई वर्षीय मासूम बच्चे के  अचानक लापता होने से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। बच्चे की मां दवा लेने काउंटर पर गई हुई थीं, इसी दौरान छोटा बच्चा बेड से उठकर अस्पताल के बाहर निकल गया। जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की रहने वाली सुनीता अपनी बेटी जूही को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराई हुई थीं। 

सुबह उन्होंने अपनी बेटी के पास ढाई साल के बेटे रिवांश कुमार को बेड पर बैठाकर दवा लेने के लिए काउंटर पर चली गई। वापस लौटने पर बच्चा गायब था। घबराहट में मां ने पूरे अस्पताल परिसर में उसकी तलाश शुरू की, लेकिन बच्चा कहीं नहीं मिल रहा था। इस बीच अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों ने अस्पताल चौराहे के पास अकेले भटकते हुए बच्चे को देख लिया। 

उन्होंने तुरंत बच्चे को सुरक्षित पकड़ा और अस्पताल पुलिस चौकी में पहुंचाया। वहां अधिकारी को सूचना दी गई और बच्चे के माता-पिता की तलाश में अनाउंसमेंट करने की तैयारी शुरू हो गई थी। ठीक उसी समय तलाश में लगी मां सुनीता भी चौकी पहुंच गईं। अस्पताल प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों की त्वरित और सतर्क कार्रवाई से बच्चा सुरक्षित रूप से मां के पास पहुंच गया।

Rewa News : रीवा में भारतीय मजदूर संघ का धरना-प्रदर्शन, प्रधानमंत्री और श्रम मंत्री को सौंपा ज्ञापन

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रीवा: भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के केंद्रीय आह्वान पर आज जिला रीवा में श्रमिकों और कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर विशाल प्रदर्शन आयोजित किया गया। संगठन ने श्रम कानूनों में सुधार की मांग को लेकर दोपहर 12 बजे से व्यंकट भवन के सामने धरना शुरू किया, जिसमें सैकड़ों श्रमिकों ने भाग लिया।

वक्ताओं ने बताया कि भारत सरकार द्वारा लागू चार श्रम कोड में से दो कोड का बीएमएस पहले से समर्थन कर चुका है, लेकिन शेष दो कोड (औद्योगिक संबंध संहिता और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता) में कुछ कमियां हैं। इनमें सुधार के लिए केंद्रीय श्रम मंत्री से कई बार पत्राचार और बैठकें की गईं, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर आज पूरे देश में धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया।
इस कड़ी में रीवा में भारतीय मजदूर संघ ने सुबह 11:30 बजे से कोठी कंपाउंड में संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का भारी एकत्रीकरण किया। धरना बाद में विशाल रैली में बदल गया, जिसमें बीएमएस के नारे लगाते हुए पुराने कोर्ट परिसर और गायत्री मंदिर मार्ग से गुजरते हुए दोपहर 2 बजे जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचा। यहां कलेक्टर को माननीय प्रधानमंत्री और केंद्रीय श्रम मंत्री के नाम 8 सूत्रीय मांग पत्र का ज्ञापन सौंपा गया।
इसके अलावा स्थानीय समस्याओं को लेकर विभिन्न संबद्ध यूनियनों ने अलग-अलग ज्ञापन दिए। कार्यक्रम में राज्य कर्मचारी संघ, दैनिक वेतन भोगी एवं कार्यभारित श्रमिक संघ, भवन एवं अन्य निर्माण मजदूर संघ, मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक अधिकारी कर्मचारी संघ, कृषि एवं ग्रामीण मजदूर संघ, ऑटो चालक संघ, ठेला गोमती एवं फुटपाथ श्रमिक संघ, आउटसोर्स कर्मचारी संघ, निजी सुरक्षा प्रहरी संघ, वीडी मजदूर संघ, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संघ, हैंड पंप टेक्नीशियन संघ, होटल एवं लॉज श्रमिक संघ, नगर निगम श्रमिक कर्मचारी परिषद, लोक सेवा केंद्र कर्मचारी संघ, फूल उत्पादक एवं प्रसाद विक्रेता संघ, अल्ट्राटेक सीमेंट एवं माइंस मजदूर संघ, परिवहन कर्मचारी संघ, मध्य प्रदेश सचिव संघ, बिजली कर्मचारी संघ, स्व सहायता समूह कार्यकर्ता संघ सहित बीएमएस से जुड़ी सभी यूनियनों के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए।
जिला मंत्री विकास शुक्ला ने उपस्थित लगभग 500 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी ने संगठित शक्ति का परिचय दिया और कार्यक्रम को सफल बनाया। उन्होंने आशा जताई कि भविष्य में भी जब संगठन बुलाए तो अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित रहेंगे। यह प्रदर्शन बीएमएस की राष्ट्रीय स्तर पर श्रमिक हितों की रक्षा और लंबित मांगों जैसे न्यूनतम पेंशन बढ़ोतरी, श्रम कानूनों का सार्वभौमिक लागूकरण, योजना कर्मचारियों का नियमितीकरण आदि को लेकर चल रही मुहिम का हिस्सा है।

Rewa News : रीवा में वन विभाग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप: पूर्व AAP नेता प्रमोद शर्मा ने प्रेस वार्ता में किया बड़ा खुलासा

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रीवा: पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) जिला अध्यक्ष प्रमोद शर्मा ने प्रेस वार्ता कर वन विभाग में सनसनीखेज भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि विभाग ने "ट्रैप मॉडल" (ट्रैप मॉडल) नामक एक व्यवस्था चला रखी है, जिसमें आरा मशीन संचालकों से मासिक अवैध वसूली की जा रही है।
प्रमोद शर्मा के अनुसार, जिले में संचालित लगभग 85 आरा मशीनों से हर महीने 20 से 25 हजार रुपये की वसूली हो रही है। यह वसूली खासकर दिसंबर से जून के बीच सबसे अधिक होती है, जब लकड़ी का काम चरम पर रहता है। जो संचालक रिश्वत नहीं देते, उन्हें जानबूझकर ट्रैप में फंसाकर जबरन वसूली की जाती है।
एक चौंकाने वाले उदाहरण में उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले वन विभाग की टीम ने रात में एक आरा मशीन में लकड़ी उतरवाकर अगले दिन कार्रवाई करने पहुंची, लेकिन पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। बाद में आरा मशीन संचालक से एसडीओ के चालक ने 50 हजार रुपये की मांग की, जो डिजिटल भुगतान से कर दिया गया। संचालक ने मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) से शिकायत की, तो 12 दिन बाद डीएफओ ने प्रकरण बनाया। कोर्ट से मामला सुलझने के बावजूद लाइसेंस बहाल करने में जानबूझकर देरी की गई और दोषी वनकर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
प्रमोद शर्मा ने प्रेस वार्ता में कई साक्ष्य पेश किए और मांग की कि वन विभाग के अधिकारियों की निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने कहा, "वन विभाग मुख्यमंत्री के अधीन है, इसलिए मुख्यमंत्री को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।"
यह खुलासा रीवा जिले में वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। क्या यह भ्रष्टाचार का संगठित नेटवर्क है? अब जांच एजेंसियां और प्रशासन क्या कार्रवाई करते हैं, इस पर सभी की नजर टिकी है। मामला तेजी से गरमाता दिख रहा है।

Rewa News : होली से पहले रीवा में मिलावट रोधी छापेमारी, तीन दुकानों से नमूने लिए, मिली भारी गंदगी

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रीवा: होली के त्योहार से पहले उपभोक्ताओं को सुरक्षित मिठाइयाँ उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत न्यू बस स्टैंड क्षेत्र की प्रमुख मिष्ठान दुकानों की जांच की गई।


सबसे पहले शिवा मिष्ठान भंडार में जांच हुई, जहां किचन अत्यधिक गंदा मिला। मिठाइयाँ और समोसे खुले में सड़क किनारे बेचे जा रहे थे, जहां मक्खियाँ बैठ रही थीं और धूल-मिट्टी से सामग्री दूषित हो रही थी। गुणवत्ता पर शंका होने से मिल्क केक और बर्फी के नमूने जांच के लिए लिए गए।
फॉरएवर स्वीट्स में भी पेड़ा और बर्फी के नमूने लिए गए। प्रभारी को स्वच्छता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए। बता दें कि पिछले साल इसी दुकान में अस्वच्छता पाए जाने पर ADM न्यायालय में मामला चल रहा है।मधुरम रेस्टोरेंट से भी बर्फी, मगज लड्डू और नमकीन के नमूने मिलावट की शंका पर जांच हेतु भेजे गए।
टीम में संभागीय उड़न दस्ता प्रभारी अमरीश दुबे, खाद्य सुरक्षा अधिकारी साबिर अली, शकुंतला मिश्रा और रश्मि शुक्ला शामिल रहे। अभियान के तहत होली से पहले सभी मिष्ठान विक्रेताओं की जांच जारी रहेगी।

Rewa News : बिछिया थाना क्षेत्र में बीहर नदी में अज्ञात युवक की ला#श मिली, ह#त्या की आशंका, खून से सना पत्थर और निशान मौजूद

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रीवा। रीवा जिले के बिछिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कुठुलिया फार्म के पीछे बीहर नदी में एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है।

मौके पर पहुंची पुलिस को युवक के शव के आसपास खून से सना पत्थर और रक्त के छींटे मिले हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि युवक की हत्या पत्थर से सिर कुचलकर की गई हो सकती है। शव की फिलहाल कोई पहचान नहीं हो पाई है।
घटना की सूचना मिलते ही बिछिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया है, जो शव और मौके से सबूत जुटा रही है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और सीसीटीवी फुटेज की तलाश में जुटी है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही हत्या के कारण और आरोपी की ओर स्पष्ट संकेत मिल सकेंगे। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस घटना से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है और वे जल्द से जल्द दोषियों को पकड़ने की मांग कर रहे हैं।

Rewa News : 'यादव जी की लव स्टोरी' फिल्म का यादव महासभा ने किया विरोध, मुख्यमंत्री से फिल्म पर रोक लगाने की मांग

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रीवा। अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के जिलाध्यक्ष रामनरेश यादव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन सौंपकर विवादास्पद फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' के प्रदर्शन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। ज्ञापन कलेक्टर रीवा के माध्यम से भेजा गया है।


ज्ञापन में कहा गया है कि ओम ठकुरानी प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित इस फिल्म के पोस्टर, ट्रेलर और सोशल मीडिया प्रचार सामग्री में यादव समाज की छवि को एक विशेष संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है, जिससे समाज की भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं। यादव समाज राष्ट्रनिर्माण, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में सदैव अग्रणी रहा है, ऐसे में इस तरह की प्रस्तुति से व्यापक स्तर पर रोष और असंतोष फैल रहा है।

रामनरेश यादव ने निवेदन किया है कि फिल्म के प्रदर्शन पर तत्काल रोक लगाई जाए और इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सत्य स्पष्ट हो सके। साथ ही, इस संवेदनशील मुद्दे को केन्द्रीय नेतृत्व के संज्ञान में लाकर राष्ट्रीय स्तर पर रोक लगवाने की पहल की जाए, जिससे जातिगत भावनाएं भड़कने से रोकी जा सकें और सामाजिक सौहार्द बना रहे।
यह फिल्म 27 फरवरी 2026 को रिलीज होने वाली है और देशभर में यादव समाज के विभिन्न संगठनों द्वारा इसका विरोध हो रहा है, जिसमें ग्वालियर, आगर मालवा, निवाड़ी सहित कई जिलों में प्रदर्शन और पोस्टर जलाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में फिल्म के टाइटल पर रोक की याचिका खारिज कर दी है, लेकिन विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। यादव महासभा ने मुख्यमंत्री से संवेदनशील हस्तक्षेप की अपील की है, उम्मीद जताई है कि उनकी न्यायपूर्ण कार्रवाई से समाज की भावनाओं का सम्मान होगा।

Rewa News : 2 मार्च से ठहर सकती हैं बसें, नई परिवहन नीति के विरोध में बस ऑनर्स एसोसिएशन की अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

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रीवा। मध्य प्रदेश में नई स्टेज कैरिज परिवहन नीति के खिलाफ निजी बस संचालकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। रीवा संभाग बस ऑनर्स एसोसिएशन ने 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रदेश भर में स्टेज कैरिज बसों का संचालन पूरी तरह ठप हो जाएगा, जिससे होली के पहले यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष सरदार प्रहलाद सिंह, सचिव प्रमोद सिंह और कोषाध्यक्ष रमेश तिवारी ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर रीवा को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि 22 फरवरी को सागर में प्रदेश स्तर की बैठक में यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। नई नीति के तहत निजी बस ऑपरेटरों के परमिट छीनकर सात क्षेत्रीय कंपनियों को सौंपने की योजना है, जो बस मालिकों को मात्र 6 महीने के लिए अटैचमेंट पर काम करने को मजबूर करेगी।

ऑपरेटरों का आरोप है कि इससे उन्हें परमिट खोने के साथ-साथ टैक्स के अलावा प्रति किलोमीटर रॉयल्टी भी देनी पड़ेगी, जो बड़ा शोषण है। पहले 5 साल के परमिट मिलते थे, जिससे आर्थिक सुरक्षा रहती थी, लेकिन अब 50 लाख की बस लगाकर सिर्फ 6 महीने के लिए मोहताज रहना पड़ेगा। इससे रोजगार पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा, क्योंकि प्रदेश में 50 हजार से अधिक निजी बसें चल रही हैं और लगभग 1.5 लाख लोग इससे जुड़े हैं। रमेश तिवारी ने कहा कि सरकार पुरानी व्यवस्था बनाए रखे, बसों की फिटनेस और सुरक्षा नियमों का पालन करवाए, लेकिन परमिट छीनकर किसी निजी या विदेशी कंपनी को न सौंपे। विरोध में यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 2 मार्च सुबह 6 बजे से पूरे प्रदेश में बसें बंद रहेंगी। यह आंदोलन प्रदेशव्यापी है और रीवा सहित अन्य संभागों में भी बस मालिक एकजुट हो रहे हैं।

बतादें कि सरकार की नई नीति अप्रैल 2026 से लागू होने वाली है, जिसका उद्देश्य PPP मॉडल से बेहतर सेवा देना है, लेकिन ऑपरेटर इसे अपने हितों के खिलाफ बता रहे हैं।

Rewa Railway : रेलवे स्टेशन पार्किंग में पूर्व विधायक का धरना, 'अवैध वसूली' के आरोप पर हंगामा

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रीवा। रीवा रेलवे स्टेशन की हाईटेक पार्किंग व्यवस्था को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को कांग्रेस के पूर्व विधायक मऊगंज सुखेंद्र सिंह बन्ना अपने समर्थकों के साथ पार्किंग क्षेत्र में धरने पर बैठ गए। किसान सम्मेलन से लौटते हुए उन्होंने लगभग दो घंटे तक धरना दिया और 'ड्रॉप एंड गो' की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की।

पूर्व विधायक का आरोप है कि 'ड्रॉप एंड गो' में पांच मिनट तक पार्किंग मुफ्त है, लेकिन इससे थोड़ा भी अधिक समय लगने पर दोगुना जुर्माना वसूला जा रहा है, जो यात्रियों के साथ अवैध वसूली के समान है। उनका कहना है कि कई बार वाहन पांच मिनट में हट जाता है, लेकिन बूम बैरियर स्कैन करने या अन्य तकनीकी कारणों से अतिरिक्त समय लग जाता है, जिससे यात्रियों को अनावश्यक रूप से अधिक राशि चुकानी पड़ती है। विरोध करने पर मारपीट की नौबत तक आ जाती है।
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रीवा स्टेशन एनएस तृतीय श्रेणी का है, इसलिए 'ड्रॉप एंड गो' की समय-सीमा पांच मिनट निर्धारित है। इस सीमा में बदलाव का अधिकार केवल रेलवे बोर्ड को है। उच्च अधिकारियों को मांग भेजने का आश्वासन मिलने के बाद पूर्व विधायक ने अपना मांग-पत्र सौंपा और धरना समाप्त कर दिया।
स्थानीय यात्रियों और समर्थकों का कहना है कि पार्किंग की यह व्यवस्था आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। मामले को लेकर आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजर टिकी हुई है।

Mauganj News : मऊगंज में खनन माफिया का काला साम्राज्य, एनजीटी के आदेश बेअसर, पहाड़ छलनी कर पत्थर की अवैध तस्करी

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मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में अवैध खनन का खेल अब खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। हनुमना क्षेत्र के लोढ़ी सहित दर्जनों गांवों में सैकड़ों अवैध खदानों का विशाल नेटवर्क सक्रिय है, जहां पहाड़ों को भारी मशीनों से काटकर पत्थर की पटिया, चीप और ढोका का कारोबार खुलेआम चल रहा है। इन खदानों से निकाले गए पत्थर ट्रकों में भरकर उत्तर प्रदेश और बिहार तक भेजे जा रहे हैं, जिससे अंतरराज्यीय माफिया नेटवर्क की भूमिका सामने आ रही है।

स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों के अनुसार, पहाड़ों को इस कदर छलनी कर दिया गया है कि चारों ओर गहरी खाइयां, बड़े-बड़े गड्ढे और उजड़े जंगल नजर आ रहे हैं। पर्यावरणीय नियमों की खुली अनदेखी हो रही है, जबकि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों का भी कोई असर नहीं दिख रहा। इस अवैध गतिविधि से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है, लेकिन प्रशासन की कार्रवाई महज कागजी स्तर पर सिमटी हुई नजर आ रही है।
खनन माफिया इतने बेखौफ हो चुके हैं कि न उन्हें प्रशासन का डर है और न कानून का। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, जबकि वन विभाग और खनिज विभाग के अमले पर दबाव की बातें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के कारण कार्रवाई नहीं हो पा रही।
अधिवक्ता बीके माला ने इस गंभीर मुद्दे को लेकर मऊगंज कलेक्टर से लेकर रीवा संभाग आयुक्त तक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने बड़े पैमाने पर बिना अनुमति पत्थर उत्खनन, राजस्व हानि और पर्यावरण क्षति के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। अधिवक्ता माला ने तत्काल जांच, अवैध खदानों को बंद करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।
प्रशासन ने अभी तक कोई ठोस बयान जारी नहीं किया है, लेकिन बढ़ते दबाव के बीच मामले की जांच शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोग अब सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक खनन माफिया कानून से ऊपर बने रहेंगे और जिम्मेदार विभाग कब जागेंगे?

Rewa News : असामाजिक तत्वों ने तोड़ी भगवान हनुमान की प्रतिमा, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

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रीवा जिले की त्योंथर तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत पड़रा इटहवा गांव में असामाजिक तत्वों द्वारा बजरंगबली यानी भगवान हनुमान की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने का मामला सामने आया है। अज्ञात व्यक्तियों ने मंदिर में स्थापित भगवान हनुमान की प्रतिमा को तोड़ दिया और आग लगाकर नुकसान पहुंचाया, जिससे स्थानीय ग्रामीणों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। 

घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए और भारी आक्रोश व्यक्त करते हुए सोहागी थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है साथ ही क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि इस तरह की हरकत से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और दोषियों की पहचान कर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। 

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