रीवा के प्रतिष्ठित सीएम राइज पीके स्कूल में शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक छात्रा के साथ कथित तौर पर क्लास में बदसलूकी की शिकायत लेकर स्कूल पहुंचे अभिभावक को शिक्षिका के अभद्र व्यवहार और आपत्तिजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। इस घटना के बाद पीड़ित छात्रा के पिता ने जिला शिक्षा अधिकारी, कलेक्ट्रेट कार्यालय और थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
जानकारी के मुताबिक, पीके स्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा को उसकी ही क्लास की एक अन्य छात्रा लगातार परेशान कर रही थी। जब इसकी शिकायत छात्रा ने अपने पिता जितेंद्र सोनी को बताई, तो वे स्कूल पहुंचे और संबंधित शिक्षिका से बात करने का प्रयास किया। पिता का आरोप है कि शिक्षिका ने शिकायत सुनने के बजाय आपत्तिजनक टिप्पणी की और कहा, "हमारे स्कूल की लड़कियां तो सिगरेट तक पीती हैं, आप यहां से नाम कटवा लीजिए।" इसके साथ ही शिक्षिका ने छात्रा को "औकात में रहने" और "ज्यादा बातें घर में न बताने" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।
अभिभावक का कहना है कि शिक्षिका ने न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि अन्य छात्राओं को इकट्ठा कर उनके सामने भी अपमानजनक टिप्पणियां कीं, जिसमें यह तक कहा गया कि "आप इस बच्ची के पिता हो ही नहीं सकते।" इस दौरान स्कूल के हेडमास्टर और अन्य शिक्षक मौजूद थे, लेकिन शिक्षिका की अभद्रता जारी रही। अभिभावक का आरोप है कि शिक्षिका बच्चों को पढ़ाने के बजाय टिफिन, कंघी और शीशा ढूंढने में समय बिताती हैं, जिसका उनके पास वीडियो सबूत भी है।
स्कूल प्रशासन से न्याय न मिलने पर निराश अभिभावक ने जिला शिक्षा अधिकारी, कलेक्ट्रेट और स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज की है। जितेंद्र सोनी ने बताया कि उनकी दो बेटियां, जो सातवीं और आठवीं कक्षा में पढ़ती हैं, इस स्कूल में दो-तीन साल से पढ़ रही हैं। हाल ही में ट्रांसफर होकर आई सहायक अध्यापिका अनुष्का गौतम के व्यवहार से वे परेशान हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए ऐसी शिक्षिका को स्कूल में रखना उचित नहीं है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना स्कूलों में बढ़ती अनुशासनहीनता और प्रबंधन की उदासीनता पर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोग इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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