सीधी। भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करते हुए, लोकायुक्त पुलिस ने शनिवार को सीधी जिले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। चुरहट तहसील के ग्राम टिकर खुर्द में पदस्थ पटवारी शिव प्रताप सिंह को ₹2,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। पटवारी ने यह रिश्वत जमीन विवाद से जुड़े एक प्रतिवेदन (रिपोर्ट) को तैयार करने के एवज में मांगी थी, जिसके लिए उसने शिकायतकर्ता से कुल ₹5,000 की मांग की थी। यह कार्रवाई पिछले तीन दिनों में लोकायुक्त टीम की दूसरी महत्वपूर्ण सफलता है, जो सरकारी तंत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
घटना का विवरण और जाल बिछाना
लोकायुक्त टीआई संदीप भदौरिया के नेतृत्व में टीम ने यह सफल ट्रैप ऑपरेशन किया। शिकायतकर्ता राजेश सिंह ने 4 नवंबर को लोकायुक्त कार्यालय में आवेदन दिया था। उनके अनुसार, जमीन विवाद के एक मामले में नायब तहसीलदार, चुरहट ने 'स्टे' आदेश जारी किया था। इस आदेश के बाद पटवारी शिव प्रताप सिंह को मौके पर जाकर प्रतिवेदन तैयार करना था। इसी सरकारी काम को पटवारी ने अपने पक्ष में रिपोर्ट बनाने की एवज में ₹5,000 की रिश्वत मांगकर एक निजी कमाई का जरिया बना लिया था।
शिकायत की पुष्टि होते ही, लोकायुक्त टीम हरकत में आई और शनिवार को पटवारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। तय योजना के तहत, शिकायतकर्ता राजेश सिंह ने पटवारी को ₹2,000 नकद सौंपे। रिश्वत लेते ही लोकायुक्त टीम ने मौके पर छापा मारा और पटवारी शिव प्रताप सिंह को रंगे हाथों धर दबोचा।
पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया जारी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी पटवारी को सीधी सर्किट हाउस लाया गया है, जहाँ उससे गहन पूछताछ की जा रही है और कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, लोकायुक्त टीम अब पटवारी के मोबाइल की चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच करेगी ताकि रिश्वतखोरी की पुष्टि के साथ-साथ इस मामले में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की भूमिका का भी पता लगाया जा सके। लोकायुक्त टीआई संदीप भदौरिया ने इस संदर्भ में कहा, "हम भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे हैं। कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।" लोकायुक्त ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

No comments
Post a Comment