रीवा जिले में रीवा-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-30) पर स्थित सोहागी पहाड़ को 'मौत की घाटी' के नाम से बदनाम किए जाने वाले ब्लैक स्पॉट से आखिरकार राहत मिलने वाली है। इस खतरनाक 800 मीटर लंबे क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने बड़ा और अहम कदम उठाया है।
प्रशासन द्वारा प्रस्तावित अलग लेन (सेपरेट लेन) के निर्माण को अंतिम स्वीकृति मिल गई है। इस खास खंड में वाहन अनियंत्रित होकर बार-बार दुर्घटनाग्रस्त होते रहे हैं, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है। पिछले कई वर्षों में यहां सैकड़ों हादसे दर्ज हो चुके हैं, जिनमें दर्जनों मौतें हुई हैं।
पहले से ही यहां चेतावनी बोर्ड, स्पीड ब्रेकर और अन्य सुरक्षा उपाय लगाए गए थे, लेकिन टोल कंपनी द्वारा सड़क डिजाइन में मौजूद खामियों के कारण हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे थे। अब अलग लेन के निर्माण से आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही अलग-अलग होगी, जिससे टक्कर और अनियंत्रित होने की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) के तहत यह प्रोजेक्ट ब्लैक स्पॉट को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
स्थानीय निवासी, यात्रियों और ट्रक चालकों के लिए यह फैसला लंबे इंतजार के बाद बड़ी राहत लेकर आया है। अब उम्मीद है कि सोहागी पहाड़ का यह खतरनाक हिस्सा जल्द ही सुरक्षित यात्रा का हिस्सा बन जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और इस दिशा में लगातार प्रयास जारी रहेंगे।
पहले से ही यहां चेतावनी बोर्ड, स्पीड ब्रेकर और अन्य सुरक्षा उपाय लगाए गए थे, लेकिन टोल कंपनी द्वारा सड़क डिजाइन में मौजूद खामियों के कारण हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे थे। अब अलग लेन के निर्माण से आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही अलग-अलग होगी, जिससे टक्कर और अनियंत्रित होने की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) के तहत यह प्रोजेक्ट ब्लैक स्पॉट को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
स्थानीय निवासी, यात्रियों और ट्रक चालकों के लिए यह फैसला लंबे इंतजार के बाद बड़ी राहत लेकर आया है। अब उम्मीद है कि सोहागी पहाड़ का यह खतरनाक हिस्सा जल्द ही सुरक्षित यात्रा का हिस्सा बन जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और इस दिशा में लगातार प्रयास जारी रहेंगे।

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