रीवा। मध्य प्रदेश में नई स्टेज कैरिज परिवहन नीति के खिलाफ निजी बस संचालकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। रीवा संभाग बस ऑनर्स एसोसिएशन ने 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रदेश भर में स्टेज कैरिज बसों का संचालन पूरी तरह ठप हो जाएगा, जिससे होली के पहले यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष सरदार प्रहलाद सिंह, सचिव प्रमोद सिंह और कोषाध्यक्ष रमेश तिवारी ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर रीवा को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि 22 फरवरी को सागर में प्रदेश स्तर की बैठक में यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। नई नीति के तहत निजी बस ऑपरेटरों के परमिट छीनकर सात क्षेत्रीय कंपनियों को सौंपने की योजना है, जो बस मालिकों को मात्र 6 महीने के लिए अटैचमेंट पर काम करने को मजबूर करेगी।
ऑपरेटरों का आरोप है कि इससे उन्हें परमिट खोने के साथ-साथ टैक्स के अलावा प्रति किलोमीटर रॉयल्टी भी देनी पड़ेगी, जो बड़ा शोषण है। पहले 5 साल के परमिट मिलते थे, जिससे आर्थिक सुरक्षा रहती थी, लेकिन अब 50 लाख की बस लगाकर सिर्फ 6 महीने के लिए मोहताज रहना पड़ेगा। इससे रोजगार पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा, क्योंकि प्रदेश में 50 हजार से अधिक निजी बसें चल रही हैं और लगभग 1.5 लाख लोग इससे जुड़े हैं। रमेश तिवारी ने कहा कि सरकार पुरानी व्यवस्था बनाए रखे, बसों की फिटनेस और सुरक्षा नियमों का पालन करवाए, लेकिन परमिट छीनकर किसी निजी या विदेशी कंपनी को न सौंपे। विरोध में यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 2 मार्च सुबह 6 बजे से पूरे प्रदेश में बसें बंद रहेंगी। यह आंदोलन प्रदेशव्यापी है और रीवा सहित अन्य संभागों में भी बस मालिक एकजुट हो रहे हैं।
बतादें कि सरकार की नई नीति अप्रैल 2026 से लागू होने वाली है, जिसका उद्देश्य PPP मॉडल से बेहतर सेवा देना है, लेकिन ऑपरेटर इसे अपने हितों के खिलाफ बता रहे हैं।

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