बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से निकला जंगली हाथियों का एक जोड़ा 35 किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर मऊगंज जिले के क्षेत्र में पहुंच गया है। इस जोड़े में वह रेडियो कॉलर वाला हाथी भी शामिल है, जिसने दो साल पहले तीन लोगों की जान ले ली थी। पिछले पांच दिनों से हनुमना क्षेत्र में विचरण कर रहे दोनों हाथी रविवार रात अटारी बंधवा गांव पहुंचे, इसी मार्ग से वे आगे गए थे। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि हाथियों को अपने मूल रास्ते का अहसास हो गया है। अटारी बंधवा में देर रात तक दोनों हाथी एक किसान की निजी जमीन पर घूमते रहे, जहां घनी झाड़ियों और पेड़ों के कारण वे आगे बढ़ते और वापस लौट आते दिखे।
एहतियात के तौर पर गांव की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है और बैरिकेडिंग कर ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर रखा जा रहा है। वन विभाग ने पहले दोनों हाथियों के रेस्क्यू की तैयारी की थी, जिसमें बांधवगढ़ से ट्रक, उपकरण और विशेषज्ञ टीम बुलाई गई थी, लेकिन अब हाथियों की वापसी को देखते हुए रेस्क्यू योजना फिलहाल स्थगित कर दी गई है। यदि हाथी दोबारा आबादी की ओर बढ़ते हैं, तो आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। वन विभाग लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहा है और ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे हाथियों को उकसाने या उनके निकट जाने की कोशिश न करें, ताकि किसी भी जनहानि से बचा जा सके।

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