प्रापर्टी डीलर ने पटवारी को पहना दी घूंस की टोपी, लोकायुक्त की टीम रंगे हाथ पकड़ा

Wednesday, 23 November 2022

/ by BM Dwivedi


रीवा.भ्रष्ट्राचार में राजस्व विभाग पहले पायदान पर है। राजस्व न्याय की कुर्सी पर बैठे तहसीलदार पटवारियों के माध्यम लूट खसोट मचाये हुये है। अफसोस इस बात की है कि लोकायुक्त के जाल से तहसीलदार छन कर निकल जाते है और पटवारी फंस जाते हैं। ऐसा ही वाक्या बुधवार को शहर के हुजूर तहसील का आलोक में आया। जिसमें हल्का पटवारी धीरज पांडेय लोकायुक्त की जाल में जा फंसे। मजे की बात यह है कि पटवारी धीरज पांडेय को घूंस की टोपी प्रापर्टी डीलर ने पहनाई। शहर में प्रापर्टी डीलिंग का काम जोरशोर से चल रहा है। जिसमें राजस्व विभाग से लेकर रजिस्ट्री विभाग तक दलालों एंव प्रापर्टी डीलरों का जाल बिछा हुआ है। 

बताया जाता है कि प्रापर्टी डीलर में एक नाम रतहरा निवासी अनुराग तिवारी का भी शामिल है। जो 32 डिसमिल जमीन के नामातंरण के लिए रतहरा हल्का के पटवारी धीरज पांडेय को डेढ़ लाख रुपये चढ़ोतरी के रूप में दे चुका था। जब बाउंड्री निर्माण की बात आई तो पटवारी ने कहा कि शासकीय भूमि पर बाउंड्री का निर्माण किया जा रहा है। जिसकी विधिवत नापजोप भी हुई। इसी बीच पटवारी और प्रापर्टी डीलर के लिए लेने-देन की बात फिर शुरु हुई और सौदा 10 हजार रुपये में तय हुआ। प्रापर्टी डीलर ने पटवारी को सबक सिखाने के लिए लोकायुक्त का सहारा लिया और वहां लिखित शिकायत की। जिस पर अमल करते हुये लोकायुक्त की टीम ने बुधवार को पटवारी धीरज पांडेय को दस हजार रूपये लेते हुये समान तिराहे पर रंगेहाथ धर दबोचा। लोकायुक्त की टीम में उप अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार, टीआई जिया उल हक, प्रधान आरक्षक मुकेश मिश्रा, आरक्षक शैलेंद्र, शिवेंद्र, धर्मेंद्र, सुजीत सहित लोकायुक्त के एक दर्जन लोग शामिल रहे। 

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