Charging stations will be built for electronic buses: प्रदेश सरकार ने राज्य परिवहन निगम की तर्ज पर प्रदेश भर में फिर से यात्री बसों के संचालन की घोषणा की है। जिसके तहत जिलों को आसपास के दूसरे जिलों और शहरों से जोड़ा जाएगा। इस बार इन बसों के संचालन की जिम्मेदारी नगरीय निकायों को दी जाएगी। अब नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला ने रीवा सहित अन्य जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखकर कहा है कि भूमि उपलब्ध कराई जाए।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्रदेश में लोक परिवहन के सुगम संचालन के लिए बस स्टैण्ड एक प्रमुख घटक है, जहां यात्रियों के आवागमन के साथ मूलभूत जनसुविधाएं जैसे खान-पान, रेस्ट रूम आदि व्यवसायिक गतिविधियों का भी संचालन होता है। आगामी समय में गठित होने वाले पब्लिक बस ट्रांसपोर्ट अथारिटी के तहत अधोसंरचना निर्माण का दायित्व नगरीय निकायों को दिया गया है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पालिसी-2025 लागू होने जा रही है। जिसमें ईवी वाहनों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रावधान किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत प्रदेश के 6 शहरों में 600 शहरी बसों के संचालन की स्वीकृति भारत सरकार द्वारा प्रदान की गई है, जिसके तहत प्रदेश के 6 निकायों में बस स्टैण्ड-डिपो का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए अन्य प्रमुख निकाय जहां दूसरे चरण में योजना लागू होगी, वहां पर भी इलेक्ट्रिक चार्जिंग अधोसंरचना, बस डिपो, बस स्टैण्ड अधोसंरचना निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही अन्य सभी जिलों के कलेक्टरों से भी कहा गया है कि वह अपने जिला मुख्यालयों में इलेक्ट्रानिक बसों के संचालन और चार्जिंग स्टेशन सहित अन्य सुविधाओं के लिए भूमि को चिन्हांकित करें।
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