मैहर। मैहर के अमरपाटन सिविल अस्पताल में शुक्रवार रात 10 बजे एक खतरनाक घटना सामने आई, जहां एक मरीज के परिजन ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर हिमांशु पांडे पर लोहे की कैंची से हमला करने की कोशिश की। गार्ड की तत्परता के कारण यह हमला नाकाम रहा, लेकिन इस दौरान एक गार्ड घायल हो गया।
जानकारी के अनुसार, डॉ. हिमांशु पांडे आकस्मिक चिकित्सकीय ड्यूटी पर थे। इस दौरान एक सड़क हादसे में घायल दो युवक और एक युवती अस्पताल पहुंचे। डॉक्टर ने उनका प्राथमिक उपचार करने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। एंबुलेंस के आने में देरी होने पर पन्ना जिले के गंज सलेहा निवासी 21 वर्षीय विक्रम शर्मा (पिता पंकज शर्मा) भड़क गया। उसने अस्पताल से एक बड़ी लोहे की कैंची उठाई और डॉक्टर के चैंबर में हमला करने के इरादे से घुस गया।
ड्यूटी पर मौजूद गार्ड अरुण सिंह और ललन सिंह बघेल ने समय रहते विक्रम को पकड़ लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इस संघर्ष में गार्ड अरुण सिंह की बाईं अंगुली में चोट लगी। डॉ. पांडे ने बताया, "अगर गार्ड ने आरोपी को नहीं रोका होता, तो मेरी जान खतरे में पड़ सकती थी।" घटना का सीसीटीवी फुटेज अस्पताल में उपलब्ध है।डॉ. पांडे ने अमरपाटन थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट और हत्या के प्रयास (IPC धारा 307) के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है, लेकिन आरोपी घायल मरीजों के साथ चला गया, जिसके कारण उसे अभी गिरफ्तार नहीं किया जा सका। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
यह घटना चिकित्सकों पर बढ़ते हमलों की गंभीर समस्या को उजागर करती है। स्थानीय लोगों और चिकित्सा समुदाय ने इस घटना की निंदा की है और अस्पतालों में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
ड्यूटी पर मौजूद गार्ड अरुण सिंह और ललन सिंह बघेल ने समय रहते विक्रम को पकड़ लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इस संघर्ष में गार्ड अरुण सिंह की बाईं अंगुली में चोट लगी। डॉ. पांडे ने बताया, "अगर गार्ड ने आरोपी को नहीं रोका होता, तो मेरी जान खतरे में पड़ सकती थी।" घटना का सीसीटीवी फुटेज अस्पताल में उपलब्ध है।डॉ. पांडे ने अमरपाटन थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट और हत्या के प्रयास (IPC धारा 307) के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है, लेकिन आरोपी घायल मरीजों के साथ चला गया, जिसके कारण उसे अभी गिरफ्तार नहीं किया जा सका। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
यह घटना चिकित्सकों पर बढ़ते हमलों की गंभीर समस्या को उजागर करती है। स्थानीय लोगों और चिकित्सा समुदाय ने इस घटना की निंदा की है और अस्पतालों में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।

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