रीवा: कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा के खिलाफ उनके बंगले में कर्मचारी को बंधक बनाकर कथित मारपीट के मामले में चौराहाटा थाने पर शुक्रवार शाम से शनिवार सुबह तक धरना-प्रदर्शन चला। पीड़ित अभिषेक तिवारी उर्फ नितिन और उनके परिवार के साथ सिमरिया के पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी और उनके सहयोगी रातभर थाने में डटे रहे।
पीड़ित अभिषेक तिवारी ने आरोप लगाया कि वह एक साल से विधायक के बंगले में काम कर रहा था। पिछले तीन महीनों से वेतन न मिलने पर जब उसने सैलरी मांगी, तो विधायक और उनके सहयोगियों ने उसे बंधक बनाकर मारपीट की। शिकायत दर्ज न होने पर पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी और उनके समर्थकों ने थाने में धरना शुरू कर दिया।
पुलिस ने रात में ही विधायक अभय मिश्रा सहित अन्य के खिलाफ शिकायत पर एफआईआर दर्ज की, लेकिन धरने पर बैठे लोग गैर-जमानती धारा जोड़ने की मांग पर अड़े रहे। शनिवार सुबह रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा और भाजपा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने थाने पहुंचकर पीड़ित, उनके परिवार और पूर्व विधायक को समझाइश दी, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।
पुलिस ने आश्वासन दिया कि पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा और रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक धाराएं जोड़ी जाएंगी। मामले में भारी हंगामे के बाद पुलिस ने विधायक और उनके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।
पुलिस ने रात में ही विधायक अभय मिश्रा सहित अन्य के खिलाफ शिकायत पर एफआईआर दर्ज की, लेकिन धरने पर बैठे लोग गैर-जमानती धारा जोड़ने की मांग पर अड़े रहे। शनिवार सुबह रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा और भाजपा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने थाने पहुंचकर पीड़ित, उनके परिवार और पूर्व विधायक को समझाइश दी, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।
पुलिस ने आश्वासन दिया कि पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा और रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक धाराएं जोड़ी जाएंगी। मामले में भारी हंगामे के बाद पुलिस ने विधायक और उनके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।

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