रीवा: मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शराब अहातों पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद रीवा के ट्रांसपोर्ट नगर में एक शराब दुकान के पास अवैध रूप से संचालित हो रहे अहाते पर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ताला जड़ दिया। यह कार्रवाई नगर निगम आयुक्त के निर्देश पर उपायुक्त सिद्दीकी के नेतृत्व में की गई।
जानकारी के अनुसार, ट्रांसपोर्ट नगर में शराब दुकान के बगल में बिना अनुमति के अहाता संचालित हो रहा था, जहां खुलेआम शराब परोसी जा रही थी। इस अहाते का संचालन न केवल गैरकानूनी था, बल्कि यह पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लगाए गए प्रदेशव्यापी प्रतिबंध का भी उल्लंघन था। नगर निगम ने इस अहाते को सील कर दिया और स्पष्ट किया कि यह जमीन 30 वर्षीय लीज पर ट्रांसपोर्ट व्यवसाय के लिए आवंटित की गई थी, लेकिन इसका दुरुपयोग शराब अहाते के लिए किया जा रहा था।
नगर निगम उपायुक्त ने बताया कि अहाता संचालकों के पास नगर निगम या संबंधित विभागों से कोई अनुमति नहीं थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संचालक अनुमति संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करते, तो भूखंड का आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। जांच में यह भी सामने आया कि यह भूखंड अजय तबेर के नाम पर है और इसे किराए पर दिया गया था, लेकिन किरायानामा प्रमाणित न होने पर दोनों पक्षों का भूखंड आवंटन रद्द हो सकता है।यह कार्रवाई आबकारी और पुलिस विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठाती है, क्योंकि यह कार्य इन विभागों की जिम्मेदारी था। नगर निगम की इस कार्रवाई ने न केवल अवैध अहाते को बंद कराया, बल्कि जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं।
नगर निगम उपायुक्त ने बताया कि अहाता संचालकों के पास नगर निगम या संबंधित विभागों से कोई अनुमति नहीं थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संचालक अनुमति संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करते, तो भूखंड का आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। जांच में यह भी सामने आया कि यह भूखंड अजय तबेर के नाम पर है और इसे किराए पर दिया गया था, लेकिन किरायानामा प्रमाणित न होने पर दोनों पक्षों का भूखंड आवंटन रद्द हो सकता है।यह कार्रवाई आबकारी और पुलिस विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठाती है, क्योंकि यह कार्य इन विभागों की जिम्मेदारी था। नगर निगम की इस कार्रवाई ने न केवल अवैध अहाते को बंद कराया, बल्कि जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं।

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