सीधी जिले के सिहावल स्थित अनुसूचित जाति जूनियर बालक छात्रावास क्रमांक 2 में गुरुवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई हुई। रीवा लोकायुक्त पुलिस की टीम ने छात्रावास अधीक्षक अशोक पांडे को एक रिटायर्ड शिक्षक से उनकी भविष्य निधि (GPF) फाइल क्लियर करने के नाम पर ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
ट्रैप ऑपरेशन में फंसे अधीक्षक
यह ट्रैप ऑपरेशन गुरुवार को दोपहर लगभग 1 बजे लोकायुक्त रीवा की 12 सदस्यीय टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। आरोपी अधीक्षक अशोक पांडे ने हाल ही में चार महीने पहले रिटायर हुए शिक्षक वशिष्ठ मुनि द्विवेदी निवासी टिकरी, थाना मड़वास से उनकी GPF फाइल पास करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। द्विवेदी इसी छात्रावास में शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। शिक्षक वशिष्ठ मुनि द्विवेदी की शिकायत पर लोकायुक्त टीम ने पहले गोपनीय सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत की मांग की पुष्टि हो गई।पत्रकारों की मौजूदगी में भी लिया पैसा
शिकायतकर्ता वशिष्ठ मुनि द्विवेदी ने बताया कि जब वह तय रकम लेकर अधीक्षक के पास पहुँचे, तो अशोक पांडे छात्रावास परिसर में कुछ पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। पत्रकारों की मौजूदगी देखकर अधीक्षक ने रुपये लेने से बचने की कोशिश की। हालांकि, लोकायुक्त टीम ने पहले ही पूरी घेराबंदी कर रखी थी। थोड़ी ही देर में टीम ने अधीक्षक को रिश्वत लेते हुए धर दबोचा।
लोकायुक्त निरीक्षक उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि शिकायत की पुष्टि के बाद यह कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधीक्षक ने फोटो और वीडियो सार्वजनिक न करने का अनुरोध किया, जिसके कारण टीम ने कोई विजुअल जारी नहीं किया।
फिलहाल, आरोपी अशोक पांडे को पूछताछ के लिए रेस्ट हाउस में रखा गया है, और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है। यह घटना रीवा संभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की सतत कार्रवाई का हिस्सा है, जो सरकारी महकमों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का संदेश दे रही है।

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