राम मंदिर को गुमनाम भक्त ने दान की 30 करोड़ की रत्नजड़ित प्रतिमा, कर्नाटक शैली में बनी, जानिए कहां होगी स्थापित

Wednesday, 24 December 2025

/ by BM Dwivedi


अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में जल्द ही एक अत्यंत भव्य और बेशकीमती रत्नजड़ित प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह प्रतिमा सोने की चमक वाली है, जिसमें हीरा, पन्ना, नीलम और अन्य बहुमूल्य रत्न जड़े गए हैं। इसे कर्नाटक के एक गुमनाम भक्त (या श्रद्धालुओं के समूह) ने दान में दिया है। मंगलवार शाम यह प्रतिमा कर्नाटक से अयोध्या पहुंचाई गई।

प्रतिमा की विशेषताएं
  • ऊंचाई: 10 फीट
  • चौड़ाई: 8 फीट
  • अनुमानित वजन: 5 क्विंटल
  • अनुमानित कीमत: 25 से 30 करोड़ रुपये
  • शैली: दक्षिण भारत (कर्नाटक और तंजावुर) की पारंपरिक शिल्पकला
  • यह प्रतिमा गर्भगृह में विराजमान रामलला की मौजूदा मूर्ति की हूबहू प्रतिकृति है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि प्रतिमा किसने भेजी है, इसकी पूरी जानकारी अभी आनी बाकी है। वजन मापने की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही विस्तृत विवरण साझा किया जाएगा।अयोध्या तक का सफरकर्नाटक से अयोध्या की दूरी लगभग 1,750 किलोमीटर है। प्रतिमा को विशेष वैन से सुरक्षित लाया गया, जिसमें 5-6 दिन लगे। मंगलवार शाम करीब 3:30 बजे इसे राम मंदिर परिसर में पहुंचाया गया और वहीं सुरक्षित रूप से खोला गया।स्थापना और अनावरणप्रतिमा की स्थापना संत तुलसीदास मंदिर के पास अंगद टीला पर प्रस्तावित है। स्थापना से पहले इसका अनावरण किया जाएगा, उसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्राण-प्रतिष्ठा समारोह आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में देशभर के संत-महंतों को आमंत्रित किया जाएगा।प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को हुई थी। इस साल इसकी दूसरी वर्षगांठ पंचांग के अनुसार 31 दिसंबर को मनाई जाएगी, जिसे प्रतिष्ठा द्वादशी नाम दिया गया है। अंगद टीला परिसर में 29 दिसंबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने यहां भूमि पूजन भी किया है।

No comments

Post a Comment

Don't Miss
©|Rahiye Update| All Rights Reserved