रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय (एपीएसयू) के छात्रों ने बीए, बीएससी और बीसीए प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के परीक्षा परिणामों में कथित अनियमितताओं को लेकर सोमवार को कुलसचिव को ज्ञापन सौंपा। छात्रों का आरोप है कि परिणामों में असामान्य रूप से बड़ी संख्या में छात्रों को अनुत्तीर्ण दिखाया गया है, जो मूल्यांकन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है।
छात्रों की मुख्य शिकायतें
- उच्च असफलता दर: हाल ही में घोषित परिणामों में बीए द्वितीय वर्ष, बीएससी प्रथम एवं द्वितीय वर्ष तथा बीसीए द्वितीय वर्ष के लगभग 90% छात्रों को सप्लीमेंट्री या जीरो अंक दिखाए गए हैं। छात्रों ने बताया कि कई मामलों में एक ही सब्जेक्ट में अधिकांश छात्र फेल कर दिए गए, जो सामान्य शैक्षणिक प्रवृत्ति से मेल नहीं खाता।
- आरटीआई और शुल्क संबंधी आपत्ति: यदि परिणामों में विश्वविद्यालय की लापरवाही है, तो छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए आरटीआई के तहत अतिरिक्त शुल्क जमा करने को मजबूर किया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि वे पहले ही परीक्षा शुल्क और अन्य फीस जमा कर चुके हैं, इसलिए यह अन्यायपूर्ण है।
- समय सीमा की समस्या: आरटीआई के तहत उत्तर पुस्तिका प्राप्त करने में 30 दिनों की देरी हो रही है, जबकि आगामी परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 5 जनवरी 2026 है। यदि पुस्तिकाएं समय पर नहीं मिलीं, तो छात्र फॉर्म भरने से वंचित रह जाएंगे, जो उनके शैक्षणिक भविष्य को प्रभावित करेगा।
- परीक्षा परिणामों की तत्काल पुनः समीक्षा और पुनर्मूल्यांकन।
- उत्तर पुस्तिकाओं को आरटीआई के तहत निशुल्क या त्वरित रूप से उपलब्ध कराना।
- विश्वविद्यालय की लापरवाही का आर्थिक दंड छात्रों से न वसूलना।

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