मध्य प्रदेश के रीवा जिले में शासकीय कन्या हाई स्कूल गंगेव के प्रिंसिपल पर छात्रावास में रहने वाली नाबालिग छात्राओं ने अशोभनीय व्यवहार और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं ने इसकी शिकायत जिला कलेक्टर से की है, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल मच गई है। मामला सामने आने के साथ ही भोपाल तक इसकी चर्चा हो रही है।छात्राओं के आरोपछात्रावास में रहने वाली कई नाबालिग छात्राओं का कहना है कि प्रिंसिपल द्वारा उनके साथ बार-बार अशोभनीय व्यवहार किया गया। डर और दबाव के कारण वे लंबे समय तक चुप रहीं, लेकिन अब खुलकर शिकायत की है।अभिभावकों की भूमिकाअभिभावकों ने अपनी बेटियों के व्यवहार में असामान्य बदलाव देखा तो छात्रावास पहुंचकर पूछताछ की। बातचीत में कई छात्राओं ने एक समान शिकायतें बताईं, जिससे मामला उजागर हुआ। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि शिकायत आने के बाद मामले को आपसी समझौते से दबाने की कोशिश की गई।प्रशासन की प्रतिक्रियाप्रभारी कलेक्टर सौरभ सोनवड़े ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि शिकायत शाम को संज्ञान में आई है। तत्काल जांच शुरू कर दी गई है। बारीकी से जांच होगी और दोषी पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।वार्डन पर भी सवालछात्रावास वार्डन ने स्वीकार किया कि पहले भी ऐसी शिकायत मिली थी, जिस पर प्रिंसिपल को मौखिक चेतावनी दी गई। अब सवाल उठ रहा है कि पहले शिकायत पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई। क्षेत्र में आक्रोश है। अभिभावक और स्थानीय लोग आरोपी प्रिंसिपल के तत्काल निलंबन, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच तथा दोष सिद्ध होने पर कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। यह मामला छात्राओं की सुरक्षा और शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच के नतीजों का इंतजार है।
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