रीवा। विंध्य क्षेत्र के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल (एसजीएमएच) में इस वर्ष गंभीर मरीजों की मौत के आंकड़े चिंताजनक रूप से बढ़ गए हैं। अस्पताल के आपातकालीन विभाग में भर्ती हुए 1440 गंभीर मरीजों की जान नहीं बचाई जा सकी। यह संख्या पिछले वर्ष 2024 की तुलना में 250 से अधिक है, जब 1190 मरीजों की मौत हुई थी।
आश्चर्यजनक रूप से वित्तीय वर्ष 2025-26 की यह संख्या अभी दो वर्ष पहले ही पूरी हो चुकी है। मौत के मामलों में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाओं के शिकार मरीज शामिल हैं। इसके बाद जहर खाने और फांसी लगाकर आत्महत्या के मामले सामने आए हैं।इसके अलावा सर्पदंश, कुत्ते के काटने, मारपीट और अज्ञात कारणों से होने वाली मौतों के मामले भी दर्ज किए गए हैं।ये आंकड़े अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हुए उन गंभीर मरीजों के हैं, जो दूर-दराज के इलाकों से जीवन की उम्मीद लेकर यहां पहुंचते हैं। बढ़ते मौत के आंकड़ों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और इमरजेंसी सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में जवाब तलब किया जा रहा है।

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