सीधी। श्री वेद माता गायत्री ट्रस्ट आश्रम पडखुरी में 28 दिसंबर को भव्य 5 कुंडीय शक्ति संवर्धन गायत्री महायज्ञ संपन्न हुआ। देव संस्कृति विश्वविद्यालय की देव कन्याओं तथा महिला मंडल रीवा की 70 बहनों के आध्यात्मिक टूर के दौरान यह आयोजन किया गया, जिसमें तीर्थ सेवन भी शामिल रहा।
आश्रम व्यवस्थापक प्रभाकांत तिवारी ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को पूज्य गुरुदेव का संदेश सुनाया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि यज्ञ केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और समाज में सकारात्मक ऊर्जा संचार का प्रभावी माध्यम है। परम पूज्य गुरुदेव की शिक्षा का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि यज्ञ से व्यक्तिगत आध्यात्मिक विकास के साथ-साथ समाज में सामूहिक चेतना और सेवा भाव का संवर्धन होता है।
प्रभाकांत तिवारी ने आगे कहा कि अवसर को पहचानने वाले ही सौभाग्यशाली होते हैं और गुरुदेव तथा माता जी से जुड़ने के बाद ही जीवन सार्थक होता है।प्रधान दीदी ने श्रद्धालुओं से पूरी श्रद्धा, भक्ति और समर्पण के साथ महायज्ञ में भाग लेने का आग्रह किया। उर्मिला तिवारी ने तिलक लगाकर सभी का स्वागत किया। देव संस्कृति विश्वविद्यालय की बच्चियों ने शताब्दी वर्ष में गुरुदेव-माताजी के आदर्शों को अपनाने, आध्यात्मिक जागृति, निष्ठा और सेवा भाव पर जोर दिया। उनके प्रेरक शब्दों ने सभी के हृदय को छू लिया और सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर रीवा जिला समन्वयक रविंद्र सिंह, राजकुमार नामदेव, देवेश मिश्रा, रामउजागर तिवारी, वंदना अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, नीरज द्वारका गुप्ता, मातेश्वरी गुप्ता सहित रीवा-सीधी के सैकड़ों परिजन उपस्थित रहे। प्रभाकांत तिवारी ने सभी को स्मृति चिन्ह भेंट किए। सामूहिक सहभोज के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ और अंत में प्रधान दीदी ने आभार व्यक्त किया।यह आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा और सामूहिक सद्भावना का प्रतीक बना।




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