रीवा रेलवे स्टेशन पर मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। कड़कड़ाती ठंड और घने कोहरे के बीच एक भिक्षावृत्ति करने वाली महिला ने स्टेशन की पार्किंग में खुले आसमान के नीचे एक नवजात बच्ची को जन्म दिया। अकेली महिला दर्द से जूझते हुए और ठंड से नवजात को बचाने की जद्दोजहद करती रही।
महिला दिन भर रेलवे स्टेशन के आसपास भिक्षा मांगती थी और शाम को घर लौट जाती थी, लेकिन शनिवार की रात वह स्टेशन पर ही रुक गई। उसके साथ एक छोटा बच्चा भी था। तड़के करीब 4 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। घने कोहरे और कड़कड़ाती ठंड में महिला ने बच्ची को जन्म दिया। डिलीवरी के तुरंत बाद उसने खुद नाड़ काटी और ठंड से नवजात को बचाने के लिए आग जलाई।
बच्ची को सीने से चिपकाकर वह काफी देर तक खुले में बैठी रही, ताकि उसे गर्मी मिल सके। कुछ देर बाद वंदे भारत ट्रेन के यात्रियों को लेने आए ऑटो चालकों की नजर इस पर पड़ी। इंसानियत का परिचय देते हुए उन्होंने तुरंत महिला की मदद की और एंबुलेंस को सूचना दी। इसके बाद मां-बेटी को संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। यह घटना समाज को झकझोरने वाली है और गरीबी व बेघर लोगों की बदहाली को उजागर करती है।

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