रीवा, 1 जनवरी 2026: नए साल 2026 की शुरुआत रीवा में शांति और सद्भावना के संदेश के साथ हुई। विगत 38 वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार, शहर में शांति-सद्भावना महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सद्भावना दौड़ से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। इसके बाद सभी ने शांति और सद्भावना की शपथ ली।
कार्यक्रम का मुख्य आयोजन अटल पार्क में हुआ, जहां सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया। इस अवसर पर रीवा नगर निगम आयुक्त और जिले के प्रभारी कलेक्टर ने आयोजन की जमकर सराहना की। नगर निगम आयुक्त ने कहा, "नए वर्ष की शुरुआत इस तरह के सकारात्मक आयोजन से होना एक बेहतरीन पहल है। रीवा में पिछले 38 सालों से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है और शहरवासियों ने इसे आज भी जीवंत रखा है, जो अत्यंत प्रशंसनीय है।"
आयोजन में रीवा के वरिष्ठ नागरिक, प्रबुद्धजन, प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सिंधु समाज के योगदान की भी विशेष चर्चा हुई। पिछले वर्ष प्रयागराज कुंभ के दौरान रीवा से गुजरने वाले श्रद्धालुओं को भोजन पैकेट वितरण और रहने की व्यवस्था में सिंधु समाज ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया था। प्रहलाद सिंह के नेतृत्व में समाज की इस भूमिका की सराहना की गई।
एमपीएस यूनिवर्सिटी के श्रीवास्तव सर ने कहा, "लगभग 38 साल से यह आयोजन युवाओं द्वारा किया जा रहा है। रीवा शायद देश का एकमात्र उदाहरण है जहां इतने लंबे समय तक इस परंपरा को बनाए रखा गया है। साल के पहले दिन शांति-सद्भावना की शपथ लेकर शुरुआत करना और प्रेरणादायी व्यक्तित्वों का संबोधन सुनना पूरे वर्ष के लिए सकारात्मक संदेश देता है।"
आयोजन समिति द्वारा किए गए इस सफल कार्यक्रम ने एक बार फिर साबित किया कि रीवा की जनता एकता, अखंडता और सौहार्द को कितना महत्व देती है। नए साल की यह शुभ शुरुआत शहर को शांति और प्रगति का संदेश दे रही है।
आयोजन में रीवा के वरिष्ठ नागरिक, प्रबुद्धजन, प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सिंधु समाज के योगदान की भी विशेष चर्चा हुई। पिछले वर्ष प्रयागराज कुंभ के दौरान रीवा से गुजरने वाले श्रद्धालुओं को भोजन पैकेट वितरण और रहने की व्यवस्था में सिंधु समाज ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया था। प्रहलाद सिंह के नेतृत्व में समाज की इस भूमिका की सराहना की गई।
एमपीएस यूनिवर्सिटी के श्रीवास्तव सर ने कहा, "लगभग 38 साल से यह आयोजन युवाओं द्वारा किया जा रहा है। रीवा शायद देश का एकमात्र उदाहरण है जहां इतने लंबे समय तक इस परंपरा को बनाए रखा गया है। साल के पहले दिन शांति-सद्भावना की शपथ लेकर शुरुआत करना और प्रेरणादायी व्यक्तित्वों का संबोधन सुनना पूरे वर्ष के लिए सकारात्मक संदेश देता है।"
आयोजन समिति द्वारा किए गए इस सफल कार्यक्रम ने एक बार फिर साबित किया कि रीवा की जनता एकता, अखंडता और सौहार्द को कितना महत्व देती है। नए साल की यह शुभ शुरुआत शहर को शांति और प्रगति का संदेश दे रही है।

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