इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत की घटना के विरोध में रीवा शहर कांग्रेस कमेटी ने आज जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में घंटियां बजाते हुए रीवा के भाजपा सांसद के आवास का घेराव करने निकले, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार को अहंकारी और असंवेदनशील करार देते हुए नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि इंदौर, जो देश का सबसे स्वच्छ शहर माना जाता है, वहां पाइपलाइन लीकेज से सीवेज का पानी, पेय जल में मिलने से 15 लोगों की मौत हो गई। इसके बावजूद सरकार जिम्मेदार मंत्रियों से इस्तीफा नहीं ले रही।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पूरा मध्य प्रदेश भाजपा सरकार के कृत्यों से शर्मसार है। उन्होंने इंदौर की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से जब पत्रकारों ने सवाल पूछे तो उन्होंने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। साथ ही, छिंदवाड़ा में जहरीली कफ सिरप से 20 से अधिक बच्चों की मौत का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और स्वच्छता का नंबर वन अवार्ड पैसे के दम पर मिलता है, लेकिन जनता को जहरीला पानी मिल रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वे अपने जनप्रतिनिधि सांसद से मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए उन्हें रोक दिया और महिला कार्यकर्ताओं से धक्कामुक्की की। प्रदर्शनकारियों ने सांसद के आवास के पास ही सड़क पर धरना देकर घंटियां बजाते हुए विरोध जारी रखा।

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