मऊगंज जिले के मऊगंज बाईपास क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे जमीनी विवाद ने शनिवार रात को उग्र रूप ले लिया। विवादित जमीन पर धरना देने पहुंचे विधायक को दूसरे पक्ष की भीड़ ने घेर लिया और उनके खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। भीड़ ने विधायक का रास्ता रोक दिया, लेकिन पुलिस ने स्थिति संभालते हुए उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद गांव में तनाव बना हुआ है और पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक विवादित जमीन विनोद खोडबानी और लल्लू पांडे पक्ष के बीच काफी समय से चल रहा है। यह मामला सिविल न्यायालय में विचाराधीन है। बीती रात विनोद मिश्रा के पक्ष में विधायक मौके पर पहुंचे और लल्लू पांडे पक्ष द्वारा किए गए कथित अतिक्रमण को हटाने की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए और विधायक से उनकी मांगों पर चर्चा करने लगे। इसी दौरान दूसरे पक्ष लल्लू पांडे की तरफ से बड़ी संख्या में लोग वहां जुट गए। भीड़ ने विधायक के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी, जिसमें "मुर्दाबाद" जैसे नारे लगाए गए। स्थिति बिगड़ते देख भीड़ उग्र हो गई और विधायक का रास्ता रोक लिया। पुलिस ने मोर्चा संभाला और किसी तरह विधायक को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है।दोनों पक्षों का दावा
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए और विधायक से उनकी मांगों पर चर्चा करने लगे। इसी दौरान दूसरे पक्ष लल्लू पांडे की तरफ से बड़ी संख्या में लोग वहां जुट गए। भीड़ ने विधायक के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी, जिसमें "मुर्दाबाद" जैसे नारे लगाए गए। स्थिति बिगड़ते देख भीड़ उग्र हो गई और विधायक का रास्ता रोक लिया। पुलिस ने मोर्चा संभाला और किसी तरह विधायक को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है।दोनों पक्षों का दावा
- एक पक्ष (लल्लू पांडे पक्ष) का कहना है कि जमीन उनकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विनोद मिश्रा ने प्रदीप पटेल को जमीन कब्जा करने का ऑफर दिया था। उनका दावा है कि पहले भी यह जमीन बेची जा चुकी है और यह उनकी नहीं है। वे जबरदस्ती का आरोप लगा रहे हैं।
- दूसरे पक्ष (विनोद मिश्रा पक्ष) का कहना है कि भूमि में उनका पट्टा और कब्जा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अनिल, दिलीप, उपेंद्र आदि ने जबरन कब्जा करने की कोशिश की और रोकने पर जान से मारने की धमकी दी गई। धक्का-मुक्की भी की गई। इसके बाद पुलिस और विधायक को सूचना दी गई। विधायक के आने पर भी दूसरे पक्ष के लोग जुट गए और धरना बाधित किया।


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