Weather News : मध्यप्रदेश में ठंड और कोहरे का कहर, पचमढ़ी सबसे ठंडा, कई शहरों में विजिबिलिटी 50 मीटर से कम

Friday, 2 January 2026

/ by BM Dwivedi


मध्यप्रदेश में नए साल की शुरुआत कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के साथ हुई है। हालांकि कड़ाके की ठंड कुछ कम हुई है, लेकिन सर्द हवाओं और कोहरे का जोर बरकरार है। शुक्रवार सुबह भी प्रदेश में तेज ठंड बनी रही।

पचमढ़ी सबसे ठंडा स्थान, पारा 5.4 डिग्री

प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में सबसे ज्यादा ठंड दर्ज की गई। गुरुवार रात यहां तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस रहा। शहडोल जिले के कल्याणपुर में 6.4 डिग्री दर्ज हुआ, जो दूसरे नंबर पर रहा। शिवपुरी, खजुराहो, अमरकंटक, राजगढ़, रीवा, नौगांव, उमरिया, मंडला, मलाजखंड, टीकमगढ़, दतिया, नरसिंहपुर, रायसेन, छिंदवाड़ा और इंदौर में भी पारा 10 डिग्री से नीचे रहा।बड़े शहरों जैसे भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया।घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित, ट्रेनें घंटों लेटशुक्रवार सुबह कई शहरों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी कई जगहों पर 50 मीटर से भी कम हो गई। खजुराहो, भोपाल, दतिया, ग्वालियर, रतलाम, दमोह, रीवा, सागर, सतना, गुना, इंदौर, रायसेन, राजगढ़, उज्जैन, मलाजखंड, श्योपुरकलां, नर्मदापुरम, सिवनी, नौगांव और मंडला सबसे ज्यादा प्रभावित रहे।कोहरे के कारण दिल्ली से आने वाली ट्रेनें जैसे मालवा एक्सप्रेस, शताब्दी और सचखंड एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें 2 से 10 घंटे तक लेट हुईं। रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। अलाव का सहारा, लोग ठंड से बचाव में जुटेराजगढ़ और रतलाम जैसे शहरों में सुबह लोग घरों के बाहर अलाव तापते नजर आए। ठंड और कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया है।

मौसम का कारण

जेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभमौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से सर्दी बढ़ रही है। जेट स्ट्रीम की रफ्तार 222 से 285 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है, जो ऊपरी वायुमंडल में ठंडी हवाओं को बढ़ावा दे रही है। इससे शीतलहर, कोल्ड डे और घना कोहरा जारी रहेगा।जनवरी में रिकॉर्ड ठंड की उम्मीदइस सीजन में नवंबर में 84 साल और दिसंबर में 25 साल का ठंड का रिकॉर्ड टूट चुका है। मौसम विभाग का अनुमान है कि जनवरी में भी इसी तरह कड़ाकी की ठंड पड़ेगी।  ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें और यात्रा के दौरान सावधानी बरतें।

प्रदेश के प्रमुख शहरों में ऐतिहासिक रिकॉर्ड

भोपाल: न्यूनतम 0.6°C (1935)

इंदौर: न्यूनतम -1.1°C (1935)

जबलपुर: न्यूनतम 1.1°C (1946)

ग्वालियर: न्यूनतम -1.1°C (1954)

उज्जैन: न्यूनतम 0°C (1962)



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