रीवा शहर के बिछिया मोहल्ले में स्थित प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर में होली के अवसर पर आटिका प्रसाद की प्राचीन परंपरा इस वर्ष भी पूरे हर्षोल्लास के साथ निभाई जाएगी। मंदिर में होलिका दहन 2 मार्च की रात्रि को आयोजित होगा, जिसमें पारंपरिक नाट्य प्रस्तुति भी शामिल रहेगी। चूंकि 3 मार्च को पूर्ण चंद्र ग्रहण लग रहा है, इसलिए मंदिर के कपाट उस दिन बंद रहेंगे और धार्मिक नियमों का पालन किया जाएगा।
4 मार्च को सुबह 11 बजे भगवान जगन्नाथ जी को आटिका प्रसाद के रूप में कढ़ी-भात का भोग लगाया जाएगा, जिसे बाद में भक्तों में वितरित किया जाएगा। भक्त अपनी श्रद्धा अनुसार अन्य प्रसाद जैसे खीर, मालपुआ आदि भी चढ़ा सकते हैं। यह परंपरा रीवा राजघराने से जुड़ी हुई है और महाराजा भाव सिंह जू देव के समय से चली आ रही है।इस आटिका महाप्रसाद भंडारे में रीवा के अलावा सतना, सीधी, सिंगरौली और पन्ना जिलों से हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करने पहुंचते हैं। मंदिर समिति ने बताया कि कार्यक्रम की लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। बतादें कि यह मंदिर लगभग 225 वर्ष पुराना है। इसका निर्माण महाराजा रघुराज सिंह ने शुरू करवाया था, जिसे बाद में महाराजा व्यंकट सिंह ने पूर्ण करवाया। यह परंपरा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि जगत कल्याण की कामना से जुड़ी हुई है।

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