सतना। रंगों के पर्व होली पर जहां शहर में सुरक्षा व्यवस्था संभालते पुलिसकर्मियों ने थोड़ा समय निकालकर परिवार के साथ हर्षोल्लास मनाया, वहीं केंद्रीय जेल में बंदियों ने भी पारंपरिक अंदाज में त्योहार की खुशियां बांटीं।
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पुलिस लाइन में हुआ होली मिलन समारोह
पुलिस लाइन में आयोजित होली मिलन कार्यक्रम में बॉलीवुड गानों पर जमकर ठुमके लगे। पुलिस कप्तान हंसराज सिंह और एडिशनल एसपी ने 'चिकनी चमेली' की धुन पर डांस किया, जबकि युवा आरक्षकों ने 'मैं हूं खलनायक' गाने पर खूब झूमकर मस्ती की। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच अनुशासित मस्ती का यह दौर करीब 2 घंटे तक चला। यह समारोह ड्यूटी के बीच पुलिस परिवार के लिए एक यादगार पल साबित हुआ।
केंद्रीय जेल में मथुरा-वृंदावन जैसा नजारा
दूसरी ओर, सलाखों के पीछे केंद्रीय जेल में कैदियों ने देशी अंदाज में होली मनाई। बंदियों ने ढोलक, झांझ, मजीरा और हारमोनियम की धुन पर जमकर नृत्य किया और फाग गाकर त्योहार का आनंद लिया। जेल अधीक्षक लीना कोस्टा, जेलर एवं अन्य स्टाफ ने बंदियों पर रंग-गुलाल और फूलों की बारिश की।जेल अधीक्षक लीना कोस्टा ने बताया, "जेल के अंदर मथुरा-वृंदावन जैसा नजारा था। बंदियों में बेहद उत्साह दिखा। हमने उन्हें पारिवारिक माहौल देने की कोशिश की और गुलाल-फूलों से होली खेली।"यह दोनों घटनाएं दिखाती हैं कि होली का त्योहार हर जगह खुशियां बांटता है—चाहे वो ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी हों या जेल में बंदी। सतना में सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच यह उत्सव शांतिपूर्ण और उल्लासपूर्ण रहा।
पुलिस लाइन में आयोजित होली मिलन कार्यक्रम में बॉलीवुड गानों पर जमकर ठुमके लगे। पुलिस कप्तान हंसराज सिंह और एडिशनल एसपी ने 'चिकनी चमेली' की धुन पर डांस किया, जबकि युवा आरक्षकों ने 'मैं हूं खलनायक' गाने पर खूब झूमकर मस्ती की। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच अनुशासित मस्ती का यह दौर करीब 2 घंटे तक चला। यह समारोह ड्यूटी के बीच पुलिस परिवार के लिए एक यादगार पल साबित हुआ।
केंद्रीय जेल में मथुरा-वृंदावन जैसा नजारा
दूसरी ओर, सलाखों के पीछे केंद्रीय जेल में कैदियों ने देशी अंदाज में होली मनाई। बंदियों ने ढोलक, झांझ, मजीरा और हारमोनियम की धुन पर जमकर नृत्य किया और फाग गाकर त्योहार का आनंद लिया। जेल अधीक्षक लीना कोस्टा, जेलर एवं अन्य स्टाफ ने बंदियों पर रंग-गुलाल और फूलों की बारिश की।जेल अधीक्षक लीना कोस्टा ने बताया, "जेल के अंदर मथुरा-वृंदावन जैसा नजारा था। बंदियों में बेहद उत्साह दिखा। हमने उन्हें पारिवारिक माहौल देने की कोशिश की और गुलाल-फूलों से होली खेली।"यह दोनों घटनाएं दिखाती हैं कि होली का त्योहार हर जगह खुशियां बांटता है—चाहे वो ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी हों या जेल में बंदी। सतना में सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच यह उत्सव शांतिपूर्ण और उल्लासपूर्ण रहा।

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