रीवा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर टीआरएस महाविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग ने प्राचार्य डॉ. अर्पिता अवस्थी के निर्देशन में एक विचारोत्तेजक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं की वर्तमान स्थिति, उनके अधिकार, शिक्षा, समान अवसर और सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा कर जागरूकता फैलाना था।
संयोजक एवं समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. अखिलेश शुक्ल ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा कि यह दिवस केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, अधिकार और समानता के प्रति समाज को जागृत करने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने लैंगिक असमानता, सामाजिक रूढ़ियों और अवसरों की कमी जैसी चुनौतियों का जिक्र करते हुए युवा पीढ़ी से समानता के मूल्यों को अपनाने की अपील की।
सहसंयोजक डॉ. महानन्द द्विवेदी ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति का असली पैमाना वहां की महिलाओं की स्थिति है, और शिक्षा, आत्मनिर्भरता व आत्मविश्वास इसके मजबूत आधार हैं। प्रभारी प्राचार्य डॉ. महानन्द द्विवेदी ने अध्यक्षीय उद्बोधन में महिलाओं के शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, राजनीति और अन्य क्षेत्रों में बढ़ते योगदान की सराहना की तथा महिलाओं के सम्मान और गरिमा की रक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी बताया।
कार्यक्रम में डॉ. मधुलिका श्रीवास्तव, डॉ. शाहिदा सिद्दीकी, डॉ. फरजाना बानो, डॉ. प्रियंका पांडे, डॉ. निशा सिंह, डॉ. गुंजन सिंह, डॉ. प्रियंका तिवारी और योगेश निगम सहित अन्य शिक्षकों ने महिला सशक्तिकरण, शिक्षा में भागीदारी, सामाजिक समानता और लैंगिक संवेदनशीलता पर अपने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने शिक्षा, जागरूकता और सकारात्मक दृष्टिकोण के माध्यम से महिलाओं की स्थिति मजबूत करने पर जोर दिया। महाविद्यालय के शिक्षकगण और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्ण भागीदारी की।

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