त्योंथर तहसील के गडऱपूर्वा गांव में यूपी से लाकर 540 बोरी धान का किया था स्टॉक
रीवा. कलेक्टर की सख्ती के बाद भी जिले के सीमावर्ती इलाकों में भारी पैमाने पर यूपी की धान सहकारी समितियों में बिक्री के लिए पहुंचने लगी है। सोमवार को खरीद शुरू हो रही है, वहीं एक दिन पहले रविवार को त्योंथर तहसील के गडऱपूर्वा गांव से यूपी से लाई गई 216.60 क्विंटल धान प्रशासन की टीम ने जब्त की है। जिसकी अनुमानित कीमत साढ़े चार लाख रुपए बताई गई है। इससे स्पष्ट हो गया है कि यूपी से धान का परिवहन व्यापक पैमाने पर शुरू है।
जानकारी के अनुसार जिले के त्योंथर तहसील अंतर्गत ग्राम गडऱपूर्वा में मानिलाल पिता अयोध्या केवट और कृष्णकुमार केवट के घर में उत्तर प्रदेश से लाकर मध्यप्रदेश के सोनारी केंद्र में अवैध विक्रय करने के उदेश्य से धान रखी होने की सूचना जिला प्रशासन को मिली थी। जिस पर जिला प्रबंधक नान पंकज बोरसे अपनी टीम के साथ मोके पर तहसीलदार त्योंथर व चौकी प्रभारी सोनोरी के साथ पहुंचे और 540 बोरी धान जब्त की गई है। यह धान प्लास्टिक की हाथ से सिली हुईं बोरियो भरी थी। जिसका रेंडम वजन करने पर बोरियो का वजन 40.820 किलो पाया गया। मौके पर धान से सम्बन्धित पंजीयन एवं ऋण पुस्तिका तथा किसी प्रकार के दास्तांवेज उपलब्ध नहीं कराये गए। जिससे अनुमानित 216.60 क्विंटल धान समिति प्रबंधक सेवा सहकारी समिति सोनोरी को सुपुर्द कर दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। मौके पर जप्ती एवं सुपुर्दगी की कार्यवाही समिति प्रबंधक सेवा सहकारी समिति सोनोरी के माध्यम से कराई गई है। जब्त की गई धान की कीमत 441864 आंकी गई है। इस कार्रवाई में नायब तहसीलदार रवि श्रीवास्तव वृत्त रायपुर सोनौरी, पटवारी अवधेश मिश्रा, समिति प्रबंधक विनोद तिवारी, राघवेंद्र उपाध्याय सोनौरी एवं सोनौरी चौकी प्रभारी वीसी विश्वास अपनी टीम के साथ शामिल रहे।
झूठी जानकारी देकर किया भ्रमित
प्रशासन की टीम जब गडऱपूर्वा गांव पहुंची और मानिकलाल एवं कृष्ण कुमार से धान के संबंध में जानकारी मांगी तो इनके द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को भ्रमित करने का प्रयास किया गया। बताया कि गांव के ही संतोष गौतम की धान है। लेकिन जब दस्तावेज मांगे गए तो उनका झूठ खुल गया।
हर साल पहुंचती है यूपी की धान
बताया गया है कि सीमावर्ती किसानों के सहयोग से व्यापारी यूपी से औने-पौने दाम में हजारों क्विंटल धान खरीदकर हर साल एमपी में लाकर बेचते हंै। हालांकि कलेक्टर ने सख्त आदेश दिया है की यूपी की धान के अवैध परिवान को रोका जाए। लेकिन इसके बाद भी उत्तर प्रदेश से धान एमपी की सीमावर्ती इलाकों में पहुंचने लगी है। खासकर चाकघाट, सोहागी, सोनौरी, पटहट, जनेह, डभौरा आदि क्षेत्रों में यूपी की धान का स्टॉक होता है।
यूपी की धान एवं मोटा अनाज प्रतिबंधित
खरीफ विपणन वर्ष 2022-2& में समर्थन मूल्य पर 28 नवम्बर से 16 जनवरी तक धान का उपार्जन किया जाना है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी मनोज पुष्प ने आदेश जारी कर इस अवधि में यूपी की धान एवं मोटा अनाज का आवक एवं निकासी पूर्णत: प्रतिबंधित किया है। उन्होंने सीमावर्ती नाकों पर पुलिस, राजस्व, मण्डी, सहकारिता एवं वेयर हाउस विभाग के अधिकारी तथा उडऩदस्ता दल को विशेष निगरानी रखने निर्देश दिया है। यूपी की धान का अवैध परिवहन करते पकड़े जाने वाले व्यक्तियों व वाहनों के पर दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी।

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