पुलिस बन रही है हंसी का पात्र, दुष्कर्म में मामले में इश्कबाज पुलिसवाले जा रहे जेल!

Thursday, 24 November 2022

/ by BM Dwivedi

रीवा। दुष्कर्म के मामले में दूसरों को गिरफ्तार कर मेडिकल परीक्षण करवाने के उपरांत जेल के सलाखों के पीछे करने वाली पुलिस इन दिनों हंसी का पात्र बन रहीं है। पुलिस विभाग में कई ऐसे खाकीधारी है जिनको इश्कबाजी का शौक चढ़ा हुआ है। कोई पर्दे के अंदर रह कर भी चर्चा का विषय बना हुआ है तो कोई सलाखों के पीछे जा कर विभाग की छवि धूमिल कर रहा। रीवा में कई थानों में टीआई रहे संदीप अयाची की एयाशी से लेकर जेल की सलाखों की पीछे पहुंचे की कहानी खत्म नहीं हुई कि एक आरक्षक के प्रेम प्रसंग के चलते जेल की सलाखों के पीछे जाने का मामला सामने आ गया। वैसे तो रीवा में आरक्षक के पहले तत्कालीन थाना प्रभारी मऊगंज रहे महेंद्र तिवारी किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले में जेल जा चुके है। इनके साथ ही सिविल लाइन थाना में रहे आरक्षक राजीव दुवे पर दुष्कर्म का आरोप लग चुका है। परंतु जो नया मोड़ आया वह कुछ अलग ही अंदाज का है। जहां एक परितक्यता के साथ शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण किये जाने का आरोप है। आश्चर्य की बात यह है कि आरोप लगाने वाली महिला दो बच्चों की मां है जिससे आरक्षक पुष्पेंद्र साकेत का इश्क हो गया। इश्क कैसा हुआ यह तो सोच का विषय है, फिलहाल महिला की शिकायत पर महिला थाना में अपराध पंजीबद्ध कर आरक्षक पुष्पेंद्र साकेत को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार आरोप लगाने वाली 35 वर्षीय महिला का कहना है कि पति से विवाद के चलते वह अलग रहने लगी थी। पति-पत्नी के बीच का विवाद थाना से लेकर न्यायालय तक जा पहुंचा। इस बीच महिला का संबंध आरक्षक पुष्पेंद्र साकेत निवासी सतना से हो गया। जो उससे विवाह कर साथ रखने की कसमें खाई। महिला आरक्षक पुष्पेंद्र साकेत के बातों पर भरोसा करते हुये अपना सब कुछ न्यौछावर कर दी। लेकिन इसी बीच प्यार की नैया बीच धार में डूब गई और महिला धोखेबाज तथाकथित प्रेमी को सबक सिखाने की ठान ली।

मशक्कत के बाद दर्ज हुई एफआईआर

विभागीय सूत्रों की मानें तो महिला आरक्षक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाने के लिए काफी मशक्कत करना पड़ा। पहले में पीडि़ता महिला थाना गई लेकिन मामला पुलिस से जुड़ा हुआ था तो महिला पुलिस सकते में आ गई और एफआईआर करने में टाल-मटोल करने लगी। पीडि़त महिला को इस बात का एहसास हो गया कि महिला थाना में उसकी फरियाद पर सुनवाई नहीं होगी। तो वह एसपी कार्यालय से लेकर एडीजीपी कार्यालय का चक्कर काटने लगाने लगी। अधिकारी भी जान गये कि प्यार में धोखा खाई महिला घायल नागिन का रूप ले चुकी है। जो पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा करती है। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर महिला थाना रीवा में बुधवार के दिन अपराध दर्ज कर आरक्षक पुष्पेंद्र साकेत को गिरफ्तार कर लिया गया। 

दो माह पूर्व कोतवाली से हटा कर किया था पुलिस लाइन

दुष्कर्म का आरोपी आरक्षक पुष्पेंद्र साकेत पिता की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति में नौकरी कर रहा था। जब यह मामला उछाल लेना शुरु किया तो उन दिनों वह कोतवाली में पदस्थ था।कोतवाली को कलंक से बचाने के लिए दो माह पूर्व उसे कोतवाली से हटा कर पुलिस लाइन कर दिया गया था। जहां से उसके जेल जाने का सफर शुरु हुआ।

एसपी ने आरक्षक को किया निलंबित

महिला थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 196/22 धारा 376(2)(एन), 506 आरोपी आरक्षक पुष्पेंद्र साकेत पर विचारण कर एसपी नवनीत भसीन ने गुरूवार को निलंबन आदेश जारी कर दिया। एसपी श्री भसीन ने अपने आदेश पर स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि आरक्षक पुष्पेंद्र साकेत पर लगे आरोप गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है। जिससे पुलिस की छवि धूमिल होती है। ऐसी अवस्था में आरक्षक को निलंबित किया जाता है। 

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