मशक्कत के बाद दर्ज हुई एफआईआर
विभागीय सूत्रों की मानें तो महिला आरक्षक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाने के लिए काफी मशक्कत करना पड़ा। पहले में पीडि़ता महिला थाना गई लेकिन मामला पुलिस से जुड़ा हुआ था तो महिला पुलिस सकते में आ गई और एफआईआर करने में टाल-मटोल करने लगी। पीडि़त महिला को इस बात का एहसास हो गया कि महिला थाना में उसकी फरियाद पर सुनवाई नहीं होगी। तो वह एसपी कार्यालय से लेकर एडीजीपी कार्यालय का चक्कर काटने लगाने लगी। अधिकारी भी जान गये कि प्यार में धोखा खाई महिला घायल नागिन का रूप ले चुकी है। जो पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा करती है। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर महिला थाना रीवा में बुधवार के दिन अपराध दर्ज कर आरक्षक पुष्पेंद्र साकेत को गिरफ्तार कर लिया गया।
दो माह पूर्व कोतवाली से हटा कर किया था पुलिस लाइन
दुष्कर्म का आरोपी आरक्षक पुष्पेंद्र साकेत पिता की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति में नौकरी कर रहा था। जब यह मामला उछाल लेना शुरु किया तो उन दिनों वह कोतवाली में पदस्थ था।कोतवाली को कलंक से बचाने के लिए दो माह पूर्व उसे कोतवाली से हटा कर पुलिस लाइन कर दिया गया था। जहां से उसके जेल जाने का सफर शुरु हुआ।
एसपी ने आरक्षक को किया निलंबित
महिला थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 196/22 धारा 376(2)(एन), 506 आरोपी आरक्षक पुष्पेंद्र साकेत पर विचारण कर एसपी नवनीत भसीन ने गुरूवार को निलंबन आदेश जारी कर दिया। एसपी श्री भसीन ने अपने आदेश पर स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि आरक्षक पुष्पेंद्र साकेत पर लगे आरोप गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है। जिससे पुलिस की छवि धूमिल होती है। ऐसी अवस्था में आरक्षक को निलंबित किया जाता है।

No comments
Post a Comment