कातिल को दोहरे आजीवन कारावास की सजा दिलाने पर टीआई कोतवाल हुये सम्मानित

Thursday, 24 November 2022

/ by BM Dwivedi

रीवा।किसी भी अपराध में विवेचक की अहम भूमिका होती है। आरोपी को सजा दिलाने में साक्ष्य का संकलन करना विवचेना का अहम पहलू होता है। कई ऐसे अपराध है जिनमें विवेचक की लापरवाही का फायदा उठाते हुये आरोपी के अधिवक्त न्यायालय से अपने मुवक्किल को दोषमुक्त करवा लेते है। ऐसे हालातों में आमजन मानस के बीच न्यायालय के न्याय से भरोसा उठ जाता है। जबकि उनको इस बात की जानकारी नहीं होती कि पुलिस द्वारा विवेचना में की गई लापरवाही का फायदा आरोपी का अधिवक्ता उठा लेता है। हाल में चर्चित पत्रकार दीपक मिश्रा हत्याकांड के मुख्य आरोपी दीपू सिंह का न्यायालय से दोषमुक्त होना पुलिस विवेचना का ही नतीजा था। टीआई कोतवाली आदित्य प्रताप सिंह ने एक वर्ष पूर्व हुई अंधी हत्या का पर्दाफाश कर विवेचना के दौरान इस कदर डायरी बनाई कि न्यायालय में सारे साक्ष्य बदलने के बाद भी कातिल को एक नही दोहरे आजीवन कारावास की सजा मिली थी। जिस पर एसपी नवनीत भसीन ने गुरुवार को पुलिस कंट्रोल रूम में भरी महफिल के सामने उत्कृष्ट विवेचना कर कातिल अभिषेक पाठक उर्फ अब्बू पिता सुरेंद्र प्रसाद पाठक 26 वर्ष निवासी ग्राम खड्डा थाना कोतवाली को सजा दिलाये जाने पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। घटना 18 अप्रैल 21 की रात लगभग 1 बजे की है। अज्ञात आरोपियों ने पन्ना जिले के सलैया थाना अंतर्गत ग्राम पथराड़ी निवासी अजय चौधरी उर्फ राजा की चाकू मार कर हत्या कर दी थी। 

वारदात को अंजाम अज्ञात आरोपियों ने उस वक्त दिया जब अजय चौधरी के साथ रही रही युवती के साथ गैंगरेप करने की कोशिश की। युवती की नींद खुलने पर शोर मचाई तो बगल में सो रहे अजय चौधरी जाग उठा और युवती आबरू बचाने बदमाशों से भिड़ गया। बदमाशों ने युवती को छत से नीचे धकेल दिया और खुद नीचे पहुंच कर घायल अवस्था में जमीन पर पड़ी युवती से दुराचार करने का प्रयास किया। उसी दौरान अजय चौधरी भी बदमाशों के पीछे-पीछे नीचे जा पहुंचा और दोनो के फिर से मारपीट शुरु हो गई। इसी बीच आरोपी अमितेश उर्फ अब्बू पाठक ने चाकू से कई वार कर अजय चौधरी को मौत के घाट उतार दिया था। जिस पर अपराध दर्ज कर विवेचना टीआई कोतवाली आदित्य प्रताप सिंह परिहार ने की। न्यायालय में सुनवाई के दौरान सारे गवाह वारदात की हकीकत से मुकर गये। यहां तक की युवती भी अपने बयान से मुकर गई। न्यायालय ने आरोपी के कपड़े में मिले खून के दाग और मृतक के खून के डीएनए की जांच रिर्पोट सहित विवेचना के दौरान टीआई द्वारा शामिल किये गये साक्ष्यों को मानते हुये अमितेश उर्फ अब्बू पाठक को अलग-अलग धाराओं में दोहरे आजन्म कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में एक आरोपी बाल अपचारी है जिसकी सुनवाई बाल न्यायालय में चल रही है।

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