मण्डप सांस्कृतिक शिक्षा कला केंद्र रीवा द्वारा भक्तिमति शबरी लीला नाट्य प्रस्तुति
रीवा. मण्डप सांस्कृतिक शिक्षा कला केंद्र रीवा का प्रतिष्ठित नाट्य दल द्वारा मानेकशा सभागार सैनिक स्कूल रीवा में भक्तिमति शबरी नाट्य लीला की शानदार प्रस्तुति हुई। लीला का नाट्य लेखन योगेश त्रिपाठी ने किया है, संगीत मिलिंद त्रिवेदी का और निर्देशन विनोद मिश्रा द्वारा किया गया है।
रामायण के जनजातीय चरित्र शबरी को मुख्य भूमिका बनाकर लीला रची गई है। प्रस्तुत शबरी लीला मंचन में मंच पर रीवा के 25 कलाकारों के द्वारा भगवान श्रीराम और माता शबरी का कथा चित्रण अलौकिक और सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया गया है। यह प्रस्तुति को देखकर सैनिक स्कूल के बच्चों के अंदर रंगमंच और हिंदी साहित्य को देखने का नजरिया ही बदल गया। बच्चों ने कहा कि इस तरह की प्रस्तुतियों से हमें ना केवल ज्ञान बल्कि हमें अपने पुरातन काल और धर्म के बारे में भी जानकारी मिलती है। वही सैनिक स्कूल के स्टाफ और दर्शक इस प्रस्तुति को देखकर के भाव विभोर हो गए। जब श्रीराम और शबरी का मिलन होता है और उनके मातृत्व और पुत्र रूप को देखकर दर्शकों की तालियों की गडग़ड़ाहट से मानेकशा सभागार गूंजने लगा। लीला में माता शबरी को प्रकृति प्रेमी और पशु प्रेमी भी दिखाया गया है। यह भी बताया गया है कि वह पशुओं की मारकाट और वृक्षों को कटने से रोकने के लिए निरंतर प्रयास करती रही हैं। नाटक में राम के किरदार में प्रियांशु, लक्ष्मण, अजय और शबरी के किरदार को श्रुति ने जीवंत कर दिया। वहीं इस दौरान कलाकार शांकरदयाल शर्मा, विपुल, अरुणोदय, बादल, रत्नेश, राजवीर, खुशी, अंशिका, दिया, संभवी, शुभांक, मोहित, आदर्श, निर्मल, सत्यम जायसवाल, ओंकार आदि ने प्रस्तुति दी। कलाकारों का मेकअप सुधीर सिंह एवं सुमन मिश्रा का रहा।

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