साहब! कहां गया बुलडोजर, बलात्कार का स्थाई वारंटी पुलिस की छाती में दर रहा मूंग

Tuesday, 29 November 2022

/ by BM Dwivedi

रेप पीडि़ता किशोरी को आखिर कब मिलेगा न्याय?

मध्य प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट आदेश दे रखा है कि दुष्कर्म के आरोपियों पर पुलिस सख्त कार्रवाई करे उनके घरों पर बुलडोजर चलवा कर नेस्तनाबूद कर दे। सीएम के इस आदेश के बाद प्रशासन के जब बुलडोजर गरजना शुरु हुये तो एक ओर दुष्कर्म के आरोपियों को अपने किये पर पछतावा होने लगा तो वहीं दूसरी ओर दुष्कर्म का शिकार हुई पीडि़ताओं के दिलों को ठंडक पहुंचनी शुरु हुई। रीवा के प्रशासन तंत्र ने लगभग एक दर्जन दुष्कर्म के आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलवा कर पीडि़ताओं को दिलों को ठंडक पहुंचाई। लेकिन दुष्कर्म का शिकार हुई एक किशोरी ऐसी  भी है जो आज भी प्रशासन तंत्र के बुलडोजर की गर्जना सुुनने को बेताब है। उसे अगवा कर गर्भवस्था में छोड़ कर  भागने वाले आरोपी मिथलेश उर्फ पुष्पेंद्र पटेल के घर पर प्रशासन तंत्र का बुलडोजर चलने के बजाय भूमिगत हो गया। आश्चर्य की बात तो यह है कि पांच साल से फरार आरोपी को पुलिस पकड़ भी नहीं पाई और फरारी पंचनामा तैयार कर पुलिस न्यायालय में चालान भी पेश कर दी। मजबूरन न्यायालय को फरार आरोपी के विरुद्ध स्थाई वांरट जारी करना पड़ गया। मजे की बात तो यह है कि दुष्कर्म के आरोपी में फरार स्थाई वारंटी अब पुलिस की छाती में मूूंग दरने लगा और सिपाही से लेकर पुलिस विभाग के ओहदेदार तक मूक दर्शक बने हुये हैं। हालात ने इस कदर करवट बदला कि रेप पीडि़ता को आखिर न्याय कब मिलेगा? आम जन मानस में इस बात को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।

रिश्ता टूटने पर छोटी बहन की आबरू लूट कर लिया था बदला

मामला गढ़ थाना क्षेत्र के एक छोटे से गांव का है, जहां एक गरीब परिवार अपने बच्चों के संग रहता है। बड़ी पुत्री की शादी पिता ने गुढ़ थाना क्षेत्र के गांव पुरवा पड़रिया निवासी राजमणि पटेल के पुत्र मिथलेश उर्फ पुष्पेंद्र पटेल से तय की। लेकिन दहेज की मांग को लेकर रिश्ता टूट गया। रिश्ता टूटने पर मिथलेश ने उसकी छोटी बहन जो दसवीं में फेल हो चुकी थी उसे अपने प्रेमजाल में फंसाया और 11 फरवरी 17 को लेकर रफूचक्कर हो गया। किशोरी को गोवा में पत्नी बना कर रखे हुये था और जब उसके 6 माह का गर्भ ठहर गया तो नोएडा में छोड़ कर भाग आया।  किशोरी गर्भ गिरवा कर एक साल बाद लौटी और 20 फरवरी को मिथलेश उर्फ पुष्पेंद्र पटेल के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई। तब से लेकर आज तक आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है।

स्थाई वारंटी पुलिस के गले का बना फांस

एक कहावत से सभी ने सुनी है कि उल्टा चोर कोतवाल को डांटे। ऐसा ही कुछ इस घटना में निकल कर सामने आया। सलाखों के पीछे जाने वाला आरोपी उल्टा ही पुलिस को कठघरे में खड़ा कर दिया। आरोपी को पकडऩे गई गुढ़ पहुंची पुलिस से महिलाओं ने मारपीट कर आरोपी को छुड़ा कर फरार करवा दिया। जिस पर पुलिस ने महिलाओं एवं पुरुषों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर लिया। उसी में एक महिला ने पुलिस पर अश्लीलता एवं मारपीट किये जाने की न्यायालय में याचिका लगा दी।


क्राइम मीटिंग में स्थाई वारंट का नहीं आया जिक्र!

अब तो पुलिस पर ही सवाल उठने लगे। पुलिस अधीक्षक द्वारा हर महीने जिले के थाना प्रभारियों के साथ क्राइम मीटिंग ली जाती है। जिसमें अपराधों एंव अपराधियों पर समीक्षा होती है। सोच का विषय यह है कि चार से फरार दुष्कर्म सहित पास्को एक्ट के फरार आरोपी मिथेलश उर्फ पुष्पेंद्र का जिक्र नहीं आया? यदि आया तो एसपी ने उसके घर की ओर सीएम का बुलडोजर क्यों नहीं फेरा? आश्चर्य की बात यह है कि विशेष न्यायाधीश पास्को अधिनियम सिरमौर के मा. न्यायाधीश संतोष चौहान ने गढ़ थाना के अपराध क्रमांक 84/17 में आरोपी के विरुद्ध 24 मई 22 को स्थाई वारंट जारी कर दिया जो आज तक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी की नजरों के सामने नहीं आया। ऐसे में फरार स्थाई वारंटी का घर गिराने की बात ही दूर है।

3 साल में 12 आरोपियों के घरों को बुलडोजर ने रौंदा

पुलिस सूत्रों से मिले रिकॉड के अनुसार 2020 से लेकर 2022 तक में दुष्कर्म एवं गैंगरेप के आरोपियों के घरों ने नेस्तनाबूद किया जा चुका है। जिसमें सिविल लाइन थाना के अ.क्र. 142/22 चर्चित राजनिवास गैंगरेप कांड में महंत सीताराम दास, विनोद पांडेय, संजय त्रिपाठी का नाम शामिल है। इसी प्रकार सिरमौर थाना के अपराध क्रमांंक 216/20 में शिवेंद्र गुप्ता, कृष्णदेव सिंह, कोतवाली के अपराध क्रमांक 214 में विजय पटेल एंव नईगढ़ी थाना के अपराध क्रमांक 323/22 में गैंगरेप के आरोपी शिवम यादव, विद्याधर बहेलिया, कान्हा सिंह, चंद्रकेश सिंह, रामगोपाल यादव एवं किशन उर्फ जलेबी। ऐसे में यह सवाल उठता है कि पास्को एंव अपहरण संग बलात्कार के आरोपी मिथलेश उर्फ पुष्पेंद्र पटेल पर पुलिस एंव राजस्व विभाग क्यों मेहबान है?


आरोपी मिथलेश उर्फ पुष्पेंद्र पटेल का फरारी में चालान  पेश किया गया था। जिसमें न्यायालय ने स्थाई वारंट जारी किया है। आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया।

विनोद सिंह, तत्कालीन टीआई गढ़

थाना में मददगार का कार्य देखता हूं। सिरमौर न्यायालय से आरोपी के विरुद्ध स्थाई वारंट जारी हुआ था। इस बात की जानकारी मुझे है। जिसमें न तो आरोपी की  अग्रिम जमानत हुई है और न ही गिरफ्तारी। ऐसा कुछ होता तो डायरी न्यायालय में तलब होती।

बलराम, मददगार थाना गढ़

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