रीवा। जिंदगी और मौत का कोई ठिकाना नहीं होता। जिंदगी कब, कहां, किन हालातों में गुजरेगी और उसका अंत कब, कहां होगा यह सब ईश्वर के हाथ पर होता है। आज जो दृश्य एसजीएमएच में देखने को मिला तो प्रभू के द्वारा रची गई जीवनलीला पर सोचने को मजबूर कर दिया। गुढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बरसैता के रहने वाले राम मिलन पटेल पिता हनुमान पटेल अपनी जिंदगी के 106 वर्ष पूरा कर न्यायालय के कानूनी चादर के साये दम तोड़ दिया। जेल प्रशासन ने शव का पीएम करवा कर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। जेलर राघवेश अग्रिहोत्री ने इस संदर्भ में बताया कि कैदी राम मिलन पटेल उम्र 106 वर्ष हत्या के आरोप में केंद्रीय जेल में सजा काट रहा था। वृद्ध होने की वजह से जेल प्रशासन द्वारा उसकी सेवा एवं देखभाल के लिए विशेष सुविधा दे रखी थी। 24 नवबंर को उनकी तबियत खराब हो जाने पर उपचार के लिए एम्बुलेंस से एसजीएमएच ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने भर्ती कर लिया। उपचार के दौरान ही रविवार की रात लगभग 10:30 पर राम मिलन पटेल ने दम तोड़ दिया। जिनके शव का सोमवार के दिन पीएम करवा कर परिजनों को सौंप दिया गया।
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हत्या के आरोप में 1996 से थे जेल में
जेलर ने बताया कि कैदी राम मिलन पटेल सहित घर के लोगों पर हत्या का आरोप था। 1996 में वह विचाराधीन बंदी बन कर जेल आये। विचारण के दौरान 2002 में राम मिलन पटेल को न्यायालय ने आजीवन की सजा सुना दी। सजा के उपरांत हाईकोर्ट से उनको जमानत मिल गई थी और प्रकरण की सुनवाई उच्च न्यायालय में हुई। लेकिन 2018 में उच्च न्यायालय ने उनकी जमानत निरस्त कर अधीनस्थ न्यायालय के फैसले को बरकार रखा। 2018 में राम मिलन पटेल फिर से जेल में आ गये। उनकी सजा को चार साल शेष बचे थे। परंतु रविवार की रात उपचार के दौरान उनका देहांत हो गया।
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