प्रेमी जोड़ो को पांच साल की सख्त सजा, जानिए क्या किया था गुनाह

Thursday, 15 December 2022

/ by BM Dwivedi

आत्महत्या के लिए प्रेरित किये जाने का अपराध पंजीबद्ध  हुआ था

रीवा . चर्तुथ अपर सत्र न्यायाधीश आरके शर्मा की अदालत ने प्रेमी जोड़ो का पांच साल की सजा सुनाई। साथ ही आरोपियों पर दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक डीएन मिश्रा ने की। अपर लोक अभियोजक डीएन मिश्रा ने बताया कि मा. न्यायाधीश ने प्रकरण की सुनवाई के उपरांत साक्ष्य एवं गवाहों के आधार पर आरोपी धर्मेंद्र उर्फ धरमू विश्वकर्मा पिता मोती लाल 38 वर्ष निवासी पांडेन टोला सिटी कोतवाली एवं सावित्री चौधरी पति स्व. राघवेंद्र चौधरी 40 वर्ष निवासी कमसरियत मोहल्ला हाल मुकाम पांडेन टोला को सजा एंव अर्थदंड से दंडित किया है। 

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दोनो को आपत्तिजनक हालत में देखा

घटना के संबंध में अपर लोक अभियोजक श्री मिश्रा ने बताया कि आरोपिया सावित्री आंगनबाड़ी में सहायिका के पद पर कार्यरत है। आंगनबाड़ी के पास में रहने वाले धरमू विश्वकर्मा से उसके अवैध संबंध स्थापित हो गये थे। इस बात की जानकारी उसके सावित्री के पति राघवेंद्र चौधरी को तब हुई जब वह 7 अप्रैल 2015 को अचानक पत्नी को लेने आंगनबाड़ी आया और दोनो को आपत्तिजनक हालत में देखा। जिसमें विवाद की स्थिति बन गई और पति ने जहर खा कर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पीएम करवाया और परिजनों के कथन पर तत्कालीन सिविल लाइन थाना प्रभारी उमेश मार्को ने विवेचना के दौरान पाया कि सावित्री और धरमू के बीच प्रेम प्रसंग थे। जिनकी वजह से सावित्री के पति ने आत्महत्या कर ली। सावित्री सहित उसके प्रेमी धरमू विश्वकर्मा के विरुद्ध पुलिस ने आत्महत्या के लिए प्रेरित किये जाने का अपराध पंजीबद्ध कर न्यायालय में प्रस्तुत किया था। जिसमें गवाहो एवं साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को दोषी ठहराते हुये मा. न्यायालय ने सजा के साथ अर्थदंड से दंडित किया।

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