रीवा. रेत का अवैध कारोबार की शुरुआत सोन नदी से होती है। जो छुहिया घाटी और बहेरा डाबर मार्ग से होते हुये रीवा में प्रवेश करता है। इसके लिए रेत माफिया बकायदा रास्ते में पडऩे वाले थानों में चढ़ोतरी भी चढ़ाते है। इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण कुछ माह पूर्व रेत व्यापारी द्वारा लोकायुक्त के शिंकजे में गोविंदगढ़ थाना के कई पुलिस कर्मियों को रंगेहाथ पकड़ाया था। जो आज भी चर्चा का विषय बना हुआ है। जब से लोकायुक्त ने पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की तब से पुलिस कर्मी भी रेत माफियाओं से चढ़ोतरी चढ़ावने में कांपते थे। परिणाम यह हुआ कि रेत माफियो की गाड़ी दिन भर ओवरलोड कर थानों के सामने से गुजरने लगी और पुलिस मूकदर्शक बने रहे। इस बात की भनक जब कलेक्टर, एसपी को लगी तो उन्होंने उन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिये। शनिवार के दिन खनिज विभाग के साथ गोविंदगढ़ पुलिस ने छुहिया घाटी में धरना दे दिया। और चंद घंटो के अंदर रेत से ओवरलोड नौ हाइवा को जब्त कर गोविंदगढ़ थाना में खड़ा लिया।
इस बात की भनक जैसे से रेत माफियाओं को लगी तो उनके बीच हड़कंप मच गया। बताया जाता है कि पुलिस और खजिन अमला छुहिया घाटी में देर शाम तक और भी रेत से लदे वाहनों के आने का इंतजार कर रहा था। परंतु नौ से दसवां वाहन जब्त करने के लिए नहीं मिला। इस संबंध में जब खजिन अधिकारी रत्नेश दीक्षित से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि प्रत्येक वाहनों में परमिट तो थी लेकिन दो-दो घन मीटर अधिक रेत लोड किया गया था। और ओवरलोड होने की वजह से एक तो सड़क को नुकसान पहुंचता है और उससे बड़ी बात की वाहन अनियंत्रित होकर हादसे का कारण बनते है। और लोग अपनी जानें गवां देते हैं।

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