रीवा. अंतरराष्ट्रीय कवि डॉ. कुमार विश्वास का विंध्य की धरा रीवा पर अभूतपूर्व स्वागत किया गया। मंच से जैसे ही रीवा वासियों को डॉ. विश्वास ने झुककर प्रणाम किया तो तालियों की गडग़ड़ाहट से पूरा माहौल स्वागतमय हो गया। इसके बाद सिलसिला शुरू हुआ कविता पाठ का। शहर के एनसीसी ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में कुमार विश्वास ने जैसे ही अपने अंदाज में रचानाएं पढ़ी हर श्रोता वाह-वाह कहते हुए झूमते नजर आए। लोगों की विशेष मांग पर डॉ. विश्वास ने कोई दीवान कहता है, कोई पागल समझता है..., जब यह कविता पढ़ी तो देर तक तालियां गूंजती रहीं और लोग भी डॉ. विश्वास के साथ अपना सुर मिलाते रहे।
आयोजन के दौरान चुटकी लेते हुए डॉ. विश्वास ने कहा कि वह जनता जो पीछे बैठी है वही असली श्रोता है। आगे के सोफे पर शहर के बड़े वाले हैं, इनके लिए प्रतिक्रिया करना थोड़ी दिक्कत की बात है। जो पीछे हंै उनसे ही हम उम्मीद करते हैं। एनसीसी ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम पहुंचे डॉ. कुमार विश्वास को सुनने और देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। मैदान के बार लगे बैरीकेट के पास भी बड़ी संख्या में उनको सुनने वालों की भीड़ जमा थी। इस दौरान कवि संपत सरल ने भी बेहतर प्रस्तुति दी।
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