रीवा। विश्वविद्यालय के पास संचालित होने वाले संजीवनी क्लीनिक की जांच करने पहुंचे अधिकारियों को धमकी दी गई है। यह धमकी विभाग में ही पदस्थ एक अन्य कर्मचारी द्वारा दी गई है। इसकी शिकायत विश्वविद्यालय थाने में दर्ज कराई गई है। जिसमें सीएमएचओ आफिस के सहायक कार्यक्रम प्रबंधक विकास पांडेय ने कहा है कि शहर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और संजीवनी क्लीनिकों का संचालन बेहतर तरीके से हो इसकी निगरानी की जिम्मेदारी है। पब्लिक हेल्थ मैनेजर सौरभ पांडेय के साथ विश्वविद्यालय के पास संचालित संजीवनी क्लीनिक का निरीक्षण करने गए थे। जहां स्टाफ नर्स ज्योति द्विवेदी अनुपस्थित थीं। वहां मौजूद स्टाफ एवं अन्य लोगों ने बताया कि वह कभी कभार आती हैं। सार्थक एप में भी नियमित उपस्थिति नहीं है। इसलिए वहां मौजूद कर्मचारियों से कहा कि जो भी सभी को सेवा देनी होगी, अन्यथा कार्रवाई होगी। इसके बाद स्टाफ नर्स के पति सुधाकर तिवारी जो रानीतालाब संजीवनी क्लीनिक में फार्मासिस्ट है ने फोन पर धमकी दी है। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही निरीक्षण दल के विरुद्ध अपशब्दों का प्रयोग करते हुए कहा है कि झूठे मुकदमें में फंसा देगा। साथ ही सोशल मीडिया की एक फर्जी आईडी बनाकर उसकी शिकायत भी की है। इसलिए पुलिस से पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग उठाई गई है। विकास पांडेय ने बताया कि सीएमएचओ के संज्ञान में भी मामला आ गया है।
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