रहिये अपडेट, रीवा. शारदीय नवरात्र के छठवें दिवस भक्तों द्वारा मां दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की विधिवित पूजा-अर्चना की गई। मान्यता है कि महिषासुर का बध करने के कारण इनको महिषासुर मर्दिनी भी कहा जाता है। मां कात्यायनी की पूजा करने पर भक्तों को मनोवांछित फल प्राप्त होता है। इस दौरान देवी मंदिरों में जहां श्रद्धालुओं की भीड़ रही वहीं देवी पंडालों में भी भक्तगण भारी संख्या में मां का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पहुंच रहे हैं।
नवरात्र के छठवें दिन भी रानी तालाब स्थिति मां कालिका के दरबार में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतार लग गई थी। सभी ने कतारबद्ध होकर मां को जल चढ़ाया और आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं प्रमुख देवी धाम फूलमती माता मंदिर समान और अष्टभुजा धाम नईगढ़ी में मां की पूजा अर्चना के साथ ही कन्या पूजन एवं कन्या भोज भी कराया गया। वहीं देवी पंडालों में भी जगह-जगह पूजा-आरती और देवी जगारण के साथ ही कन्या पूजन का कार्यक्रम रखा गय। देवी पंडालों में भी भक्तों की भीड़ बढ़ रही है।
किला परिसर में गद्दी पूजन 12 को
रीवा किला के वैभवशाली परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी गद्दी पूजन एवं दशहरे का कार्यक्रम किला प्रांगण में हर्ष एवं उल्लास के साथ 12 अक्टूबर को आयोजित किया जा रहा है। पूर्वमंत्री पुष्पराज सिंह गद्दी पूजन करेंगे, इसके बाद विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट लोगों का सम्मान किया जाएगा। वहीं शाम को किला परिसर से चल समारोह निकाला जाएगा। यह जानकारी दशहरा उत्सव कमेटी किला द्वारा दी गई है।

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