मऊगंज थाना क्षेत्र के घुरेहटा गांव में साइबर ठगों से परेशान होकर महिला द्वारा आत्मघाती कदम उठाते हुए जान देने के मामले में पुलिस ने अब एक युवती को भी गिरफ्तार किया है। युवती पर आरोप है कि उसे साइबर ठगी के मामले में जानकारी थी। लेकिन उसने साक्ष्य छुपाया।
बताया गया कि मृतिका रेशमा पांडे और पड़ोस में रहने वाली युवती आंचल तिवारी दोनों आपस में सहेलियां थीं। 5 जनवरी को ठगों को 5500 रुपये भेजने के लिए मृतिका रेशमा ने आंचल तिवारी के पास 11 हजार में अपना 40 हजार रुपये का मंगलसूत्र गिरवी रखा था, लेकिन आंचल तिवारी ने ठगों को 5500 रुपये नहीं भेजा और मृतिका रेशमा को एक फर्जी जमा पर्ची देकर बताया कि उसने पैसे भेज दिये हैं। मृतिका ने यह जमा पर्ची ठगों को दिया और बोली कि आपके खाते में पैसा भेजा गया है।
पैसा ना पहुंचने पर और जमा पर्ची फर्जी होने पर ठगों ने महिला को टॉर्चर करना शुरू कर दिया। सहेली द्वारा दिए गए धोखे और ठगों के टॉर्चर से परेशान होकर महिला ने आत्महत्या का ली। बतादें कि इस मामले में पुलिस ने राजस्थान से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज दिया था और अब युवती को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेजा गया है।

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