मध्य प्रदेश के मैहर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक एम्बुलेंस को गुटखा, तंबाकू, सिगरेट और बीड़ी की दुकान के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। शुक्रवार शाम को कुछ युवकों ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला, जो तेजी से वायरल हो गया।
चालक की सफाई: बच्चों ने खेल में टांगा सामान
एम्बुलेंस के चालक मोना श्रीवास्तव ने सफाई देते हुए कहा कि वह अपने घर के लिए किराना सामग्री ला रहे थे। बच्चों ने खेल-खेल में ये सामान एम्बुलेंस में टांग दिया, जिसे देखकर किसी ने वीडियो बना लिया और गलतफहमी में इसे वायरल कर दिया।स्थानीय लोगों में आक्रोश
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि एम्बुलेंस मरीजों की जान बचाने के लिए होती है, न कि अवैध व्यापार के लिए। स्थानीय निवासी गुड्डन सिंह ने बताया कि हाल ही में नगर पालिका ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी, जिसके बाद धूम्रपान सामग्री की दुकानें बंद हो गई थीं। आशंका है कि इसी वजह से एम्बुलेंस का दुरुपयोग गुप्त रूप से बिक्री के लिए किया जा रहा था।स्वास्थ्य विभाग सख्त, जांच शुरू
सिविल सर्जन डॉ. आरएन पांडे ने इस कृत्य को निंदनीय बताया और कहा कि मामले की गहन जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह गोरखधंधा लंबे समय से चल रहा था, लेकिन अधिकारियों ने इसे अनदेखा किया।जनता की मांग: सख्त कार्रवाई
नागरिकों ने मांग की है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन तुरंत कदम उठाए। यह मामला न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि मरीजों की जान से खिलवाड़ भी माना जा रहा है। फिलहाल,-motors, स्वास्थ्य विभाग की जांच के नतीजों का इंतजार है।
एम्बुलेंस के चालक मोना श्रीवास्तव ने सफाई देते हुए कहा कि वह अपने घर के लिए किराना सामग्री ला रहे थे। बच्चों ने खेल-खेल में ये सामान एम्बुलेंस में टांग दिया, जिसे देखकर किसी ने वीडियो बना लिया और गलतफहमी में इसे वायरल कर दिया।स्थानीय लोगों में आक्रोश
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि एम्बुलेंस मरीजों की जान बचाने के लिए होती है, न कि अवैध व्यापार के लिए। स्थानीय निवासी गुड्डन सिंह ने बताया कि हाल ही में नगर पालिका ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी, जिसके बाद धूम्रपान सामग्री की दुकानें बंद हो गई थीं। आशंका है कि इसी वजह से एम्बुलेंस का दुरुपयोग गुप्त रूप से बिक्री के लिए किया जा रहा था।स्वास्थ्य विभाग सख्त, जांच शुरू
सिविल सर्जन डॉ. आरएन पांडे ने इस कृत्य को निंदनीय बताया और कहा कि मामले की गहन जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह गोरखधंधा लंबे समय से चल रहा था, लेकिन अधिकारियों ने इसे अनदेखा किया।जनता की मांग: सख्त कार्रवाई
नागरिकों ने मांग की है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन तुरंत कदम उठाए। यह मामला न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि मरीजों की जान से खिलवाड़ भी माना जा रहा है। फिलहाल,-motors, स्वास्थ्य विभाग की जांच के नतीजों का इंतजार है।

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