ब्राह्मणों की बेटियों को लेकर बेहूदा बयान देने वाले IAS अधिकारी संतोष कुमार वर्मा बुरी तरह से फंस गए हैं। मामला अब सिर्फ विवादित बयान, माफ़ी और करवाई तक सिमित नहीं रह गया है बल्कि ये IAS अधिकारी द्वारा पहले किए गए कारनामों तक पहुंच गया है। रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने IAS संतोष वर्मा की नियुक्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं साथ ही पत्नी के साथ मारपीट के मामले और कोर्ट में चल रहे केस का हवाला देते हुए कार्रवाई की मांग की है।
रीवा सांसद ने राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह को लिखे गए पत्र में कहा है कि IAS संतोष वर्मा अनुसूचित जाति वर्ग के मध्य प्रदेश शासन के अधिकारी थे लेकीन IAS सिलेक्शन के लिए उन्होंने खुद को अनुसूचित जनजाति वर्ग का दिखाया, यानी IAS बनने से पहले वे SC थे लेकिन IAS बनने के लिए ST बन गए। वहीं सांसद ने ये भी कहा कि कोर्ट में IAS वर्मा का एक केस भी पेंडिंग है जो पत्नी के साथ मारपीट से जुड़ा है, इस केस में खुद को निर्दोष बताने के लिए संतोष कुमार वर्मा ने फर्जी राजीनामा भी पेश किया था जिसके बाद उन्हें 2021 में गिरफ्तार कर ज्यूडिशियल कस्टडी में भी भेजा गया था और ये मामला कोर्ट में अभी भी चल रहा है।
बावजूद इसके IAS वर्मा का प्रमोशन कर दिया गया जिसकी जाँच होनी चाहिए। सांसद की मांग की है, आईएएस संतोष कुमार वर्मा के खिलाफ अखिल भारतीय सेवा आचरण नियम 1968 के तहत कार्रवाई हो साथ ही इनके प्रमोशन प्रक्रिया की जांच कर इन्हे डिमोट किया जाए ।

No comments
Post a Comment