रीवा/सीधी । महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त निर्देशों और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में लोकायुक्त संभाग रीवा ने एक सफल ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। एसडीएम कार्यालय चुरहट में पदस्थ स्टेनो रामहित तिवारी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
ट्रैप की कार्रवाई 26 दिसंबर 2025 को चुरहट बीछी रोड स्थित सरयू प्रसाद प्रजापति की किराने की दुकान के बाहर की गई। आरोपी रामहित तिवारी (57 वर्ष), पिता माघव प्रसाद तिवारी, निवासी मकान नंबर 32-बी, वार्ड क्रमांक 9, नगर परिषद चुरहट, जिला सीधी में स्थाई कर्मी के रूप में कार्यरत हैं और वर्तमान में एसडीएम चुरहट के स्टेनो हैं।
शिकायतकर्ता गजेंद्र सिंह (34 वर्ष), पिता स्वर्गीय श्यामलाल पटेल, निवासी ग्राम पड़खुरी 586, पोस्ट पचोखर, थाना/तहसील चुरहट, जिला सीधी ने 23 दिसंबर 2025 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में आवेदन दिया था। शिकायत में बताया गया कि उनकी पुश्तैनी भूमि पर स्वर्गीय भाई सुरेंद्र कुमार पटेल के निधन के बाद भाभी ललिता पटेल ने अपना नाम दर्ज करा लिया था। स्वर्गीय भाई ने वसीयतनामा के माध्यम से भूमि गजेंद्र सिंह, दूसरे भाई और भतीजे विवेक सिंह के नाम की थी।
वारिसाना मामले में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तहसील चुरहट में अपील की गई, जहां स्थगन आदेश जारी हुआ। आरोपी रामहित तिवारी ने आवेदक के पक्ष में आदेश करवाने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की। डर के कारण आवेदक ने पहले ही 25 हजार रुपये दे दिए थे।
शिकायत मिलने पर लोकायुक्त संभाग रीवा के प्रभारी पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार ने सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत की मांग सही पाई गई। इसके बाद 26 दिसंबर को प्रवीण सिंह परिहार के निर्देशन में गठित टीम ने आरोपी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई जारी है।
ट्रैप कार्रवाई में ट्रैपकर्ता अधिकारी एस. राम मरावी (निरीक्षक, विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त कार्यालय रीवा) और ट्रैप दल के प्रमुख सदस्य प्रवीण सिंह परिहार (उप पुलिस अधीक्षक) शामिल थे। स्वतंत्र शासकीय साक्षियों सहित 12 सदस्यीय टीम ने यह कार्रवाई सफलतापूर्वक अंजाम दी।
लोकायुक्त संगठन भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रहा है। आमजन से अपील की गई है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करे तो लोकायुक्त रीवा से मोबाइल नंबर 9893607619 पर संपर्क करें।
शिकायतकर्ता गजेंद्र सिंह (34 वर्ष), पिता स्वर्गीय श्यामलाल पटेल, निवासी ग्राम पड़खुरी 586, पोस्ट पचोखर, थाना/तहसील चुरहट, जिला सीधी ने 23 दिसंबर 2025 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में आवेदन दिया था। शिकायत में बताया गया कि उनकी पुश्तैनी भूमि पर स्वर्गीय भाई सुरेंद्र कुमार पटेल के निधन के बाद भाभी ललिता पटेल ने अपना नाम दर्ज करा लिया था। स्वर्गीय भाई ने वसीयतनामा के माध्यम से भूमि गजेंद्र सिंह, दूसरे भाई और भतीजे विवेक सिंह के नाम की थी।
वारिसाना मामले में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तहसील चुरहट में अपील की गई, जहां स्थगन आदेश जारी हुआ। आरोपी रामहित तिवारी ने आवेदक के पक्ष में आदेश करवाने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की। डर के कारण आवेदक ने पहले ही 25 हजार रुपये दे दिए थे।
शिकायत मिलने पर लोकायुक्त संभाग रीवा के प्रभारी पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार ने सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत की मांग सही पाई गई। इसके बाद 26 दिसंबर को प्रवीण सिंह परिहार के निर्देशन में गठित टीम ने आरोपी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई जारी है।
ट्रैप कार्रवाई में ट्रैपकर्ता अधिकारी एस. राम मरावी (निरीक्षक, विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त कार्यालय रीवा) और ट्रैप दल के प्रमुख सदस्य प्रवीण सिंह परिहार (उप पुलिस अधीक्षक) शामिल थे। स्वतंत्र शासकीय साक्षियों सहित 12 सदस्यीय टीम ने यह कार्रवाई सफलतापूर्वक अंजाम दी।
लोकायुक्त संगठन भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रहा है। आमजन से अपील की गई है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करे तो लोकायुक्त रीवा से मोबाइल नंबर 9893607619 पर संपर्क करें।

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