रीवा जिले के चोरहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत जेपी नगर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां महज 10 साल की मासूम नैसी सिंह ने जलजीरा समझकर चूहे मारने की दवा पी ली। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे संजय गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
नैसी के पिता ज्ञानी सिंह ने बताया कि 15 दिसंबर को वे अपनी पत्नी के इलाज के लिए रीवा आए हुए थे। घर पर सिर्फ नैसी और उसका छोटा भाई था। इसी दौरान बच्ची ने घर में रखी चूहे मारने की दवा को जलजीरा समझ लिया और उसे घोलकर पी गई।
दोपहर में जब परिजन घर लौटे तो नैसी बेहोशी की हालत में पड़ी मिली। घबराए परिजन आनन-फानन में उसे संजय गांधी चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां करीब एक दिन तक नैसी ज़िंदगी और मौत से जूझती रही। आखिरकार आज मासूम की सांसें थम गईं। ग्रामीणों के मुताबिक ज्ञानी सिंह का घर गांव से थोड़ा अलग-थलग है, इसी वजह से घटना की भनक आसपास के लोगों को देर से लगी। जैसे ही यह खबर फैली, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। यह हादसा एक बार फिर घरों में ज़हरीले पदार्थों को सुरक्षित रखने की गंभीर चेतावनी देकर गया है।


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