पौष माह की कृष्ण पक्ष त्रयोदशी पर शिव आराधना का खास संयोग बन रहा है। इस अवसर पर रीवा जिले में सोहागी पहाड़ पर स्थित प्राचीन अड़गड़नाथ धाम में आज पारंपरिक मेला लगा है, जो 100 साल से भी अधिक पुरानी परंपरा का प्रतीक है। त्योंथर, चाकघाट और तराई क्षेत्र के शिव मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। बताया जाता है कि यह मेला दशकों से लग रहा है। खासकर अड़गड़नाथ धाम की मान्यता बेहद खास है, जहां स्वयंभू शिवलिंग विराजमान हैं। सुबह से ही पंचामृत और पंचगव्य से रुद्राभिषेक किया गया, जिसके बाद मेले की आधिकारिक शुरुआत हुई।
अड़गड़नाथ के अलावा सोनौरी के मंडपेश्वर नाथ धाम, कोनी पंचायत का देवनाथ मंदिर, चाकघाट के पास देवर गांव का शिव मंदिर, टमस नदी तट और टमस-बेलन संगम पर गौरा गांव में भी मेले का आयोजन किया है। किसान-ग्रामीण कामकाज छोड़कर परिवार सहित यहां पहुंच रहे हैं। जहां पारंपरिक दुकानें, झूले और हाट का रंगारंग नजारा मेले की शोभा बढ़ा रहा है। हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा, ट्रैफिक और अन्य व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किये हैं। यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि ग्रामीण संस्कृति और एकता का भी प्रतीक बनता है।

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