रीवा जिले के सेमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खमरिया में एक परिवार के लिए पारंपरिक भोजन जानलेवा साबित हो गया। शुक्रवार दोपहर कोदो की रोटी और चने की भाजी खाने के बाद परिवार के पांच सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसमें एक मासूम बच्चा भी शामिल है। सभी को गंभीर हालत में रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।
पीड़ित परिवार ने बताया कि उन्होंने साधारण तरीके से घर पर बनी कोदो की रोटी और चने की भाजी खाई थी। भोजन के मात्र 15-20 मिनट बाद सभी को तेज पेट दर्द, उल्टी, दस्त, चक्कर और कमजोरी महसूस होने लगी। देखते-ही-देखते घर के पुरुष, महिलाएं और बच्चे जमीन पर गिरने लगे। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने निजी वाहन से सभी को पहले सेमरिया अस्पताल पहुंचाया। वहां हालत बिगड़ने पर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रीवा के संजय गांधी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
संजय गांधी अस्पताल के चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच में इसे गंभीर फूड पॉइजनिंग का मामला बताया है। पीड़ितों में दो महिलाएं, दो पुरुष और एक बच्चा शामिल हैं। सभी को गंभीर मरीज वार्ड में रखकर इलाज जारी है। डॉक्टरों ने भोजन में किसी जहरीले तत्व की आशंका जताई है। परिजनों का कहना है कि कोदो घर की ही थी और उसे सामान्य तरीके से पकाया गया था। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार, कभी-कभी पुराने कोदो में फफूंद लगने से वह जहरीला हो जाता है, जिसे 'कोदो पॉइजनिंग' कहा जाता है।
एक पीड़ित ने बताया, "ये कोदो की रोटी खाई है। इससे उल्टी हो रही है, ज्यादा कमजोरी और ठंड लग रही है।"परिजन पुष्प तिवारी ने कहा, "चार-पांच लोग हैं, जिसमें एक बच्चा भी है। स्थिति ठीक नहीं है। साधारण कोदो की रोटी और चने की भाजी खाई थी। सिमरिया में कोई उचित उपचार नहीं मिला, इसलिए अपने वाहन से रीवा लाए। अब भर्ती कर इलाज चल रहा है।" फिलहाल सभी पांचों सदस्यों का उपचार जारी है। डॉक्टर आगे जांच के बाद स्थिति स्पष्ट करेंगे।
संजय गांधी अस्पताल के चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच में इसे गंभीर फूड पॉइजनिंग का मामला बताया है। पीड़ितों में दो महिलाएं, दो पुरुष और एक बच्चा शामिल हैं। सभी को गंभीर मरीज वार्ड में रखकर इलाज जारी है। डॉक्टरों ने भोजन में किसी जहरीले तत्व की आशंका जताई है। परिजनों का कहना है कि कोदो घर की ही थी और उसे सामान्य तरीके से पकाया गया था। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार, कभी-कभी पुराने कोदो में फफूंद लगने से वह जहरीला हो जाता है, जिसे 'कोदो पॉइजनिंग' कहा जाता है।
एक पीड़ित ने बताया, "ये कोदो की रोटी खाई है। इससे उल्टी हो रही है, ज्यादा कमजोरी और ठंड लग रही है।"परिजन पुष्प तिवारी ने कहा, "चार-पांच लोग हैं, जिसमें एक बच्चा भी है। स्थिति ठीक नहीं है। साधारण कोदो की रोटी और चने की भाजी खाई थी। सिमरिया में कोई उचित उपचार नहीं मिला, इसलिए अपने वाहन से रीवा लाए। अब भर्ती कर इलाज चल रहा है।" फिलहाल सभी पांचों सदस्यों का उपचार जारी है। डॉक्टर आगे जांच के बाद स्थिति स्पष्ट करेंगे।

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