रीवा में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि, मनरेगा की जगह अब विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन योजना गांवों की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह योजना महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के सिद्धांतों को जमीन पर उतारने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक बड़ा कदम है। इससे गांव, आदर्श गांव बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ेंगे और योजना में भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी लगभग खत्म हो जाएगी। यह बात उपमुख्यमंत्री ने रीवा में भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता और संभागीय मीडिया प्रभारी अनिल पटेल भी मौजूद रहे।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस इस योजना को लेकर भ्रम फैला रही है, जबकि वास्तव में यह पुरानी मनरेगा योजना का ही विस्तार है। नए स्वरूप में नाम बदलकर इसे ‘वीबी-जी रामजी’ योजना से जोड़ा गया है। उन्होंने योजना की मुख्य विशेषताओं के बारे में बताया कि गांवों को अपनी आवश्यकतानुसार कार्य चुनने की पूरी स्वतंत्रता मिलेगी। मनरेगा में मजदूरों को 100 दिनों की गारंटी थी, जिसे अब बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इससे ग्रामीण पलायन पर रोक लगेगी। ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी जो ग्राम पंचायतों में स्थायी रूप से उपयोगी साबित हों। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। पहले मशीनों से काम होने पर मजदूरों की मजदूरी गायब हो जाती थी, लेकिन अब ऐसे प्रावधान किए गए हैं जिनसे भ्रष्टाचार की संभावना न के बराबर रह जाएगी।
पत्रकार वार्ता के दौरान उपमुख्यमंत्री ने रीवा शहर के महापौर द्वारा जल आपूर्ति योजना में कम राशि दिए जाने के आरोप को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में शहर में मात्र 18 MLD का फिल्टर प्लांट था, जो अब बढ़कर 94 MLD हो चुका है। मार्च-अप्रैल तक कुठलिया फिल्टर प्लांट सहित 12 नई टंकियों के लोकार्पण के बाद शहर के हर कोने में स्वच्छ पेयजल पहुंच जाएगा।

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