मध्य प्रदेश के रीवा जिले में रबी फसल के महत्वपूर्ण बोने के समय यूरिया खाद की भारी कमी से किसान बुरी तरह परेशान हैं। सिरमौर जनपद के उमरी खाद वितरण केंद्र पर सुबह से ही सैकड़ों किसान, महिलाएं और बुजुर्ग लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं, लेकिन कई हफ्तों की मशक्कत के बाद भी उन्हें अपनी जरूरत के मुकाबले सिर्फ 2-3 बोरी ही नसीब हो पा रही है। इससे फसलें खतरे में पड़ रही हैं और किसानों का गुस्सा भड़क रहा है।किसानों ने खाद वितरण व्यवस्था में गंभीर अनियमितताओं और कालाबाजारी के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि केंद्र के कर्मचारी और अधिकारी समय पर नहीं पहुंचते, जिससे अव्यवस्था और बढ़ जाती है। कई किसान रात भर खेतों में पशुओं की रखवाली करने के बाद सुबह-सुबह केंद्र पहुंचते हैं, जबकि महिलाएं घरेलू कामकाज और बच्चों को छोड़कर लाइन में लगी हैं। महिलाओं ने अलग से काउंटर या व्यवस्था की मांग की है।
किसानों की पीड़ा: "फसलें बर्बाद हुईं तो पूरा देश प्रभावित होगा"परेशान किसानों ने कहा, "हमारी फसलें खत्म हो गईं तो नुकसान सिर्फ हमारा नहीं, पूरे देश का होगा।" हर मौसम में खाद की कमी से जूझते किसान अब थक चुके हैं। उन्होंने केंद्र कर्मचारियों और प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। किसानों की मांग है कि सरकार तत्काल हस्तक्षेप करे और होम डिलीवरी जैसी व्यवस्था शुरू करे ताकि उन्हें बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
प्रदेश में रबी सीजन के दौरान यूरिया की मांग चरम पर है, लेकिन कई जिलों में कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं। किसान लंबी कतारों में ठंड में रात गुजार रहे हैं, फिर भी पूरा कोटा नहीं मिल पा रहा। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन हो सकता है। किसान भाइयों से अपील है कि शिकायतें दर्ज कराएं और धैर्य रखें, लेकिन सरकार को अब ठोस कदम उठाने होंगे।

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