Chitrakut News : 'आंखों के मसीहा' पद्मश्री डॉ. बी.के. जैन का निधन, सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय में ली अंतिम सांस

Friday, 27 February 2026

/ by BM Dwivedi

चित्रकूट के प्रसिद्ध नेत्र चिकित्सक और पद्मश्री सम्मानित डॉ. बी.के. जैन (डॉ. बुधेंद्र कुमार जैन) का निधन हो गया है। वे सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय, जानकी कुंड, चित्रकूट के निदेशक और ट्रस्टी थे। डॉ. जैन ने विगत कई महीनों से बीमारी से जूझ रहे थे और मुंबई में इलाज चल रहा था, लेकिन अंत में चित्रकूट के ही सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय में शुक्रवार शाम 4:24 बजे वेंटिलेटर से हटते ही उन्होंने अंतिम सांस ली।


सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट ने उनके निधन की पुष्टि की है। डॉ. जैन ने 1970 के दशक में मुंबई छोड़कर परमहंस संत श्री रणछोड़दासजी महाराज के मार्गदर्शन में चित्रकूट में नेत्र सेवा शुरू की। उनके कुशल नेतृत्व में सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान बन गया, जहां प्रतिवर्ष लाखों नेत्र ऑपरेशन होते हैं। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से 1.5 लाख से अधिक और संस्था के माध्यम से 31 लाख से ज्यादा नेत्र ऑपरेशन कर ग्रामीण-गरीब मरीजों की आंखों में रोशनी लौटाई।

नेत्र चिकित्सा में 5 दशकों से अधिक के समर्पित योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 2025 में पद्मश्री से सम्मानित किया था। उन्हें 'आंखों का मसीहा' कहा जाता था, जिन्होंने पिछड़े इलाकों में अंधत्व निवारण का अभूतपूर्व कार्य किया। स्वामी रणछोड़ दास जी महाराज के कृपापात्र रहे डॉ. जैन ने संत समाज, गरीबों और नेत्र रोगियों के लिए असाधारण सेवा की मिसाल पेश की, जो सदियों तक याद की जाएगी।
उनके निधन से नेत्र चिकित्सा जगत, चित्रकूट के लाखों लाभार्थी और विंध्य क्षेत्र में गहरा शोक है। सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट और परिवार ने शोक व्यक्त किया है। उनके योगदान को श्रद्धांजलि में कई लोग उन्हें याद कर रहे हैं।

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